हिसार | हरियाणा की बीजेपी सरकार में गांवों के आपत्तिजनक नाम बदलने का सिलसिला जारी है. पिछले महीने महेंद्रगढ़ और झज्जर जिले के दो गांवों के नाम बदलने वाली प्रदेश सरकार ने अब यमुनानगर और हिसार के दो और गांवों को नई पहचान दी है. यमुनानगर में अलीपुरा का नाम बदलकर आर्यपुरम कर दिया गया है. इसके साथ ही, हिंदू बाहुल्य इस गांव के लोगों को अब मुस्लिम आधारित नाम से छुटकारा मिल गया है.
हिसार में बदला गया गांव का नाम
हिसार जिले के गांव ढाणी गारण का नाम बदलकर हंस नगर कर दिया गया है. वित्तायुक्त राजस्व और आपदा प्रबंधन विभाग से अतिरिक्त मुख्य सचिव डा. सुमिता मिश्रा ने दोनों गांवों के नए नामकरण को लेकर आदेश जारी कर दिए हैं. इससे पहले इसी साल जुलाई महीने में महेंद्रगढ़ जिले के गांव अकबरपुर नांगल का नाम बदलकर नांगल हरनाथ और झज्जर जिले के गांव इस्लामगढ़ का नाम बदलकर छुछकवास रखा गया था.
प्रधानमंत्री को लिखा गया था पत्र
गांवों के विचित्र नाम बदलने का सिलसिला वर्ष 2015 में शुरू हुआ था जब फतेहाबाद की 12 वर्षीय छात्रा हरप्रीत कौर ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को पत्र लिखकर कहा था कि उन्हें कहीं पर भी अपने गांव का नाम ‘गंदा’ बताने में शर्म आती है. इसके बाद, प्रधानमंत्री के निर्देश पर तत्कालीन मुख्यमंत्री मनोहर लाल की सरकार ने गांवों के नाम बदलने की प्रक्रिया की शुरुआत की थी. पिछले 10 सालों में 13 जिलों में कुल 26 गांवों के नाम में बदलाव हुआ है.
