सोनाली फोगाट मामला: एक स्टिंग आपरेशन में हुए कई नए खुलासे, अब ये नई थ्योरी आई सामने

हिसार | सोनाली फोगट की मौत का मामला उलझता जा रहा है. अब तक इस मामले में हार्ट अटैक की बात होती रही है, मगर अब ड्रग्स थ्योरी ने जन्म ले लिया है और अब टिक टोक स्टार की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट ने भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं. सोनाली की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में था चोट के निशान का जिक्र, यह खबर पुरानी है, एक स्टिंग ऑपरेशन में नई बातें उभर कर सामने आई है. स्टिंग में सोनाली का पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं. ये खुलासे पोस्टमॉर्टम और इसकी टाइमिंग से जुड़े हैं.

Sonali Phogat

सोनाली का पोस्टमॉर्टम करने वाले गोवा के डॉक्टर का एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम ने स्टिंग ऑपरेशन किया है. डॉक्टर का नाम मंदार कंटक है. स्टिंग ऑपरेशन में डॉक्टर ने बताया कि सोनाली के शरीर पर चोट के कई निशान हैं. बड़ी बात यह रही कि सोनाली के पोस्टमॉर्टम में दो दिन की देरी हुई. यह एक रहस्योद्घाटन है जो अभी तक नहीं हुआ है. एक नजर रिपोर्टर और डॉक्टर के बीच की इस बातचीत पर-

रिपोर्टर- शरीर के किस हिस्से में चोट है?

डॉ मंदार कंटक– यह हर जगह है

रिपोर्टर– पूरे शरीर में चोट है?

डॉ मंदार कंटक – हाथ-पैर में है. मामले के आरोपी ने कहा कि सोनाली बाथरूम में दीवार से टकरा गई थी.

रिपोर्टर– और कहां हैं चोटें?

डॉ मंदार– हमने सात पन्नों की विस्तृत रिपोर्ट लिखी है. अब चर्चा करने के लिए कुछ नहीं बचा है. यदि हम और अधिक बात करना चाहते हैं, तो पहले सभी रिपोर्ट हमें प्राप्त करना आवश्यक है.

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पोस्टमॉर्टम में दो दिन की देरी कैसे?

अब ये इसी स्टिंग ऑपरेशन का हिस्सा है जहां डॉक्टर बता रहे हैं कि सोनाली के शरीर पर चोट के कई निशान थे. अब जब यह बातचीत डॉक्टर से आगे बढ़ी तो पता चला कि सोनाली के पोस्टमॉर्टम में दो दिन की देरी हुई है. यहां जानना जरूरी है कि सोनाली फोगाट को पिछले मंगलवार यानी 23 अगस्त को गोवा के सेंट एंटनी अस्पताल ने मृत घोषित कर दिया था. लेकिन सोनाली के परिवार ने 25 अगस्त गुरुवार तक पोस्टमॉर्टम की इजाजत नहीं दी. अब इस पहलू पर पढ़िए बातचीत का अगला भाग-

डॉ मंदार कंटक– मुझे नहीं पता कि वह दो दिन बाडी को पास में रखकर क्या कर रहे थे.

रिपोर्टर– आपके पास बाडी 2 दिन बाद आई है?

डॉ मंदार– शव इधर था, लेकिन एक-दो दिन बाद पोस्टमॉर्टम हुआ. पुलिस से हमें जो रिपोर्ट मिली है, उसमें सिर्फ एक लाइनर है. ये लोग बाहरी चोटों को बता रहे थे जो पैच थे. हमने एक निश्चित दिशा में आगे बढ़ने का फैसला किया और पुलिस को भी अपना दृष्टिकोण बदलना पड़ा. अगर ऐसा नहीं होता तो पता नहीं पुलिस जांच कहां ले जाती.

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रिपोर्टर– सोनाली को ड्रग दिया गया या जहर?

डॉ मंदार– यहाँ ड्रग ही जहर है।

रिपोर्टर– ठीक है

डॉ मंदार कंटक– ये दवाएं हैं, इनका असर कुछ घंटों तक ही रहता है. इन्हें इस तरह से लिया जाता है कि इसका असर कुछ घंटों तक ही रहे.

रिपोर्टर– तो हार्ट अटैक था या क्या हुआ?

डॉ मंदार– दिल का दौरा नहीं है.

अब बातचीत का यह हिस्सा यह बताने के लिए काफी है कि सोनाली फोगाट के पोस्टमॉर्टम में दो दिन की देरी हुई. डॉ मंदार के अनुसार, इस देरी से ड्रग ओवरडोज़ की बात साबित करना मुश्किल हो सकता है. साथ ही उन्होंने साफ कहा है कि अब बिना देर किए विसरा सैंपल की जांच कराई जाए. अगर यहां भी देरी हुई तो ड्रग ओवरडोज का सबूत मिलना एक चुनौती हो जाएगी.

कर्लीज क्लब का कच्चा चिट्ठा

वैसे सोनाली फोगाट के मामले में कर्लीज क्लब की संलिप्तता पर सवाल बने हुए हैं. दावा किया गया है कि सोनाली को वहां ड्रग्स दिया गया था. एक खुफिया कैमरे पर 12 अगस्त तक गोवा की अर्जुन पंचायत के सरपंच रहे पैट्रिक सैवियो अल्मेडा ने खुलासा किया था कि कर्लीज क्लब में काफी नशा चल रहा है. और उसने उसे रोकने की कोशिश की, लेकिन किसी ने उसकी एक न सुनी. इसके साथ ही विशेष जांच टीम ने कर्लीज क्लब के मैनेजर पर एक स्टिंग ऑपरेशन भी किया, जिसमें ये माना जा रहा है कि रोजाना 8 से 9 लोग क्लब के अंदर ड्रग्स लाते हैं, लेकिन उन्हें भगा दिया जाता है. उनसे हुई बातचीत का ये अंश कर्लीज की पोल खोलने के लिए काफी है-

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सावियो – मुझे बहुत शिकायतें मिलीं

रिपोर्टर – कर्लीज के लिए?

सावियो– हाँ

रिपोर्टर– किस तरह का?

सावियो– सारे वेटर ड्रग्स बेचते हैं. वहीं दूसरी ओर बच्चों का शोषण हो रहा है. मुझे समझ नहीं आता कि इन बच्चों का इलाज क्यों नहीं किया जाता.

अब बातचीत में सेवियो ने यह भी दावा किया है कि कर्लीज के प्रबंधन को उनकी ओर से ड्रग्स के मुद्दे पर कार्रवाई करने के लिए कहा गया था. लेकिन उन लोगों ने पुलिस के साथ कुछ सेटिंग है. सावियो की माने तो वहां एक बड़ी लॉबी चल रही है. यह केवल समय के साथ बड़ा और अधिक संगठित होता जा रहा है. वैसे कर्लीज के बारे में यह समझना भी जरूरी है कि इसका विवादों से पुराना नाता है. यह रेस्टोरेंट तब भी विवादों में रहा था जब 14 साल पहले एक मां ने आरोप लगाया था कि उस रेस्टोरेंट में उसकी बेटी से छेड़छाड़ की गई. अब सोनाली मामले ने इस क्लब को भी सवालों के घेरे में ला दिया है.

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