जींद | हाइड्रोजन ट्रेन जो स्वच्छ ऊर्जा का अच्छा स्रोत माना जाता है. इनमें नमी की जांच करना जरूरी होता है ताकि इंजन में किसी तरह की खराबी ना हो. यह इंजन की दक्षता और सुरक्षा के लिए अहम मानी जाती हैं इसके चलते ही हाइड्रोजन से चलने वाली ट्रेन को लेकर तीसरे दिन भी जांच प्रक्रिया जारी रही है. इस कार्य के लिए इंदौर से मैकनिकों की एक टीम को बुलाया गया है ताकि हाइड्रोजन गैस में नमी को परखा जा सके. इससे ट्रेन के सुरक्षित और बेहतर संचालन में अहम मदद मिलेगी. हाइड्रोजन ट्रेन एक पर्यावरण अनुकूल ट्रेन है जो ईंधन के रूप में हाइड्रोजन का प्रयोग करती है.
हाइड्रोजन ट्रेन से जुड़ी अपडेट
जनवरी महीने में कड़ाके की ठंड पड़ी है, इस ठंड के कारण ही इंजन में नमी बन गई. इन्ही कारणों के चलते हाइड्रोजन गैस को बाहर से मंगवाया गया और उसे इंजन में भरकर भंभेवा स्टेशन पर ले जाया गया है. इसके बाद, इंजन की आवाज, उसकी खराबी, खपत, लोड, ब्रेक सिस्टम आदि के बारे में बारिकी से जांच की जा रही है. इंजन के बारे में पूरी समीक्षा हो जाने के बाद ही उसे जींद लाया जाएगा. बता दें कि पिछले एक महीने से हाइड्रोजन प्लांट में हाइड्रोजन ट्रेन की टेस्टिंग जारी है.
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जल्द पटरी पर! 🇮🇳🚆
भारत की पहली हाइड्रोजन ट्रेन जल्द, जींद–सोनीपत रूट (हरियाणा) पर दौड़ने के लिए तैयार।
शून्य उत्सर्जन, अत्याधुनिक तकनीक और स्वच्छ ऊर्जा – रेलवे में आत्मनिर्भर भारत की एक और बड़ी उपलब्धि। यह सिर्फ़ ट्रेन नहीं, भविष्य की दिशा है।… pic.twitter.com/cPbFiBKZSK
— MyGov Hindi (@MyGovHindi) January 9, 2026
पानी की TDS जांच के लिए कार्य
बीते दिनो प्रिसिंपल चीक मैकनिकल इंजीनियर (PCME) डिंपी गर्ग नेअपनी पूरी के साथ मिलकर हाइड्रोजन प्लांट की जांच करने का कार्य किया. जहां उन्होंने पानी की TDS जांच के लिए मीटर खरीदने और उसका डाटा हर रोज बोर्ड पर अपडेट करने के आदेश दिए जिसके बाद से ही कर्मचारियों ने 3 TDS मीटर खरीदकर TDS जांच प्रक्रिया को चालू कर दिया. प्लांट अधिकारियों ने बताया कि प्लांट से हाइड्रोजन गैस के सैंपल गुरुग्राम सहित अन्य जगहों पर भी भेजे गए है जिनमें से कुछ की रिपोर्ट आनी बाकी है.
