जींद | किसी ने ठीक ही कहा है, परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हो. यदि हौसला बुलंद हो तो रास्ते खुद ही बन जाते है. ऐसी ही संघर्ष, साहस और मेहनत की कहानी आज हम आपको सुनाते है, जो युवा पीढ़ी खासकर लड़कियों के लिए प्रेरणा का स्त्रोत है. हम बात कर रहे है जींद जिले के हाडवा गांव की निशु देशवाल की, जिन्होंने पिता की बीमारी के बाद परिवार की कमान अपने हाथों में ली और उनका पालन- पोषण किया.
हरियाणा रोडवेज में ड्राइवर बनने का सपना
निशु देसवाल ने B.A. तक पढ़ाई की है और उनका सपना हरियाणा रोडवेज में ड्राइवर बनने का है. उनके पिता मुकेश कुमार पशुपालन के साथ लोडिंग गाड़ी चलाकर परिवार का पालन- पोषण करते थे, लेकिन वर्ष 2019 में गंभीर बीमारी के कारण वे काम करने में असमर्थ हो गए और 2022 में उन्होंने ड्राइविंग पूरी तरह छोड़नी पड़ी. इससे परिवार आर्थिक संकट में आ गया.
ऐसे समय में निशु ने हिम्मत दिखाई और घर की जिम्मेदारी अपने कंधों पर उठाने का फैसला लिया जिसमें उसके भाई ने पूरा साथ दिया. बचपन से ही गाड़ी चलाने का शौक रखने वाली निशु ने पहले गांव के छोटे कामों से शुरुआत की और धीरे-धीरे दूसरे गांवों तक काम बढ़ा लिया.
सोशल मीडिया पर पहचान
निशु ने आज सोशल मीडिया पर अपनी खास पहचान बना ली है और उनको ज्यादातर बुकिंग इंस्टाग्राम के जरिए आती है. पहले उनके पास एक ही गाड़ी थी, धीरे-धीरे काम बढ़ने के साथ अब उन्होंने दो गाड़िया कर ली है. इसके साथ ही एक ट्रैक्टर भी खरीद लिया है, जिससे खेती का काम करते है. शुरूआत में जब निशु ने काम करना शुरू किया तो समाज के तानो और संदेहों का सामना करना पड़ा. कई बार लोगों की बातें चुभी लेकिन उसने उनकी बातों को कमजोरी नहीं बनने दिया. कई लोगों को निशु का गाड़ी चलाना अच्छा भी नही लगा. आज वही लोग उनके साथ और मेहनत की तारीफ करते है.
अब निशु का सपना हरियाणा रोडवेज में ड्राइवर बनने का है. इसके लिए उसने प्रशिक्षण केंद्र से हैवी लाइसेंस का प्रशिक्षण भी लिया है और लगातार अभ्यास कर रही है. उनका मानना है कि लड़किया कोई भी काम कर सकती है, बस उनके अंदर हौसला और मजबूती होनी चाहिए.
