करनाल | हरियाणा में एक सरकारी टीचर ने अपने रिटायरमेंट पर ऐसी पहल की है, जो चौतरफा प्रशंसा का विषय बनी हुई है. करनाल जिले के असंध क्षेत्र में गणित विषय के टीचर सतपाल बिसला ने अपनी रिटायरमेंट पर पार्टी करने की बजाय एक गरीब परिवार की बेटी में आर्थिक सहयोग देते हुए उसके हाथ पीले किए. उन्होंने विवाहित कन्या को गृहस्थी का सारा सामान दिया.
बेटियां सबकी सांझी
रंगरूटी खेड़ा के गवर्नमेंट मिडिल स्कूल से रिटायर होने वाले सतपाल बिसला ने कहा कि आमतौर पर लोग विदाई पार्टी में बढ़- चढ़कर दिखावा करते हुए लाखों रूपए खर्च करते हैं. रिटायरमेंट की पार्टी में लाखों रूपए उड़ाने से अच्छा है, किसी का भला करना. वैसे भी बेटियां सबकी सांझी होती है. उन्होंने अपनी ड्यूटी के आखिरी दिन रिटायरमेंट पार्टी करने की बजाय एक गरीब परिवार की बेटी की शादी कराई.
सतपाल बिसला ने कहा कि वे अब स्कूल की जिम्मेदारियों से मुक्त हो गए हैं, लेकिन सामाजिक कार्यों में हमेशा बढ़- चढ़कर हिस्सा लेते रहेंगे. इस मुहिम में वो अपने साथ और भी लोगों को जोड़ने का काम करेंगे. उनकी इस पहल से पूरे क्षेत्र में एक सकारात्मक संदेश जाएगा और अन्य लोग भी इससे प्रेरणा लेते हुए सामाजिक कार्यों में अपनी भागीदारी सुनिश्चित करेंगे.
पहले भी निभाया सामाजिक दायित्व
उन्होंने बताया कि यह पहली बार नहीं है कि जब उन्होंने किसी बेटी की मदद की हैं. इससे पहले भी वे गरीब परिवारों की बेटियों की मदद करते रहे हैं. इस सामाजिक कार्य में उन्हें पूरे परिवार का सहयोग रहता है. उनके दोनों बेटे वेटरनरी डाक्टर हैं. उनका मानना है कि सेवा केवल नौकरी तक सीमित नहीं होती है, बल्कि समाज के लिए भी करनी चाहिए. रिटायर होकर उन्होंने समाज सेवा की ठानी है और इस मुहिम को आगे बढ़ाने का संकल्प लिया है.
उन्होंने समाज से अपील करते हुए कहा कि वे सामाजिक कार्यों में हमेशा बढ़- चढ़कर हिस्सा लें क्योंकि बेटियां किसी एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की जिम्मेदारी होती है. सामाजिक कार्यों में सफलता तभी हासिल होती है, जब पूरा समाज मिलकर सामूहिक रूप से सहयोग करता है.
