नई दिल्ली | कर्मचारियों को दिवाली का तोहफ़ा देते हुए ईपीएफओ ने उन्हें एक बड़ी खुशखबरी दी है, चूंकि कोरोना संक्रमण ने हर प्रकार गतिविधियों को प्रभावित किया है, चाहे वह व्यापार से संबंधित हो या अन्य किसी कार्य से संबंधित, और इसका सबसे ज्यादा असर आम आदमी की जेब पर पड़ा है क्योंकि इस महामारी के दौर में उसने अपनी जिंदगी में काफी विषम परिस्थितियों का सामना किया है.
अब उनकी जिंदगी भी पटरी पर लौट रही है लेकिन पहले जैसी स्थिति होने में काफी वक्त लग सकता है. अपितु सरकार द्वारा चलाई जा रही कई कल्याणकारी योजनाएं उसे एक आशातीत जीवन जीने की ओर अग्रसर कर रही हैं. अभी भी उसे एक राहत भरी खबर मिली है क्योंकि ईपीएफओ के केंद्रीय बोर्ड ने सितंबर में कहा था कि 31 मार्च 2020 को खत्म हो रहे वित्त वर्ष के ब्याज का भुगतान साल के अंत तक कर दिया जाएगा.
इस योजना के तहत इस ब्याज को पहले 8.15 प्रतिशत व बाद में 0.35 फ़ीसदी करके दो भागों में बांट कर दिया जाएगा. इसलिए इसका भुगतान दिसंबर माह तक किया जाएगा. क्योंकि लॉकडाउन के दौर में बैंकों को भी काफी वित्तीय संकट का सामना करना पड़ रहा था जिससे उन्हें फंड की समस्या बनी हुई है.
इसलिए मंदी के दौर में केवल ग्राहक ही नहीं अपितु बैंक भी प्रभावित हुए हैं, इसलिए उन्हें सामान्य व सुचारू रूप से कार्य की परिस्थितियों को लाने में कुछ वक्त लग सकता है, परन्तु अब कही न कही कुछ न कुछ राहत मिलती नजर आ रही है जब कर्मचारियों के लिए ऐसे कल्याणकारी कदम उठाये जा रहे हैं.
