महेंद्रगढ़ | दक्षिण हरियाणा की राजनीति में पिछले कुछ दिनों से दो सीनियर नेताओं के बीच जारी तीखी बयानबाजी से राजनीतिक पारा गर्माया हुआ था लेकिन अब पिछले दो दिनों से खामोशी छाई हुई है. कल पहले स्वास्थ्य मंत्री आरती राव और फिर उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह राजनीति पर किए गए सवाल पर चुप्पी साध गए, जिसके बाद अहीरवाल की राजनीति के दो धुर विरोधी दिग्गज परिवारों की खामोशी ने सस्पेंस बना दिया है.

हरियाणा की अहीरवाल राजनीति
पिछले कुछ महीनों से दोनों परिवारों के बीच राजनीतिक वर्चस्व को लेकर जुबानी जंग चली हुई थी. लेकिन अब कुछ दिनों से खामोशी से लग रहा है कि या तो बीजेपी ने शिकंजा कसा है या फिर किसी बड़े सियासी तूफान की आहट सुनाई दे रही है. हालांकि, प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने दावा करते हुए कहा कि अहीरवाल के नेताओ के बीच मतभेद समाप्त हो चुके हैं.
हाल ही में राजनीति पर किए गए सवाल को लेकर राव नरबीर सिंह ने सधा हुआ जवाब देते हुए कहा कि बीजेपी हमेशा चुनाव के मूड में रहती है, इसे 2029 के चुनाव से जोड़कर नहीं देखना चाहिए. वहीं, आरती राव ने राव इंद्रजीत सिंह और विरोधियों के विवाद के सवाल पर चुप्पी साधते हुए कहा कि इस पर राव साहब बहुत कुछ कह चुके हैं. मैंने भी बहुत कुछ बोला है, अब इस पर बोलने के लिए कुछ नहीं है.
राव इंद्रजीत पर कसा था तंज
इस राजनीतिक वर्चस्व की लड़ाई में राव इंद्रजीत सिंह ने 2009 के चुनाव में राव नरबीर सिंह के चौथे स्थान पर रहने को लेकर तंज कसा था. इसके जवाब में राव नरबीर सिंह ने जवाब देते हुए कहा था कि मैंने तो अपनी राजनीति की शुरुआत ही जाटूसाना में राव इंद्रजीत सिंह को हराकर की थी. शायद उम्र के हिसाब से उनकी याददाश्त कमजोर हो गई है.