महेंद्रगढ़ | हम एक ऐसे समाज में रहते हैं, जहां एक और तो शादी- विवाह के अवसर पर दहेज देना अभिशाप समझा जाता है. वहीं, दूसरी तरफ लोग अपनी बेटी को भर- भर के दहेज भी देते हैं, चाहे भले ही उनके ऊपर कितना ही कर्ज क्यों ना हो जाए. इन सबके बावजूद समाज का एक तबका ऐसा भी है, जो इन सभी मिथकों को तोड़ता हुआ नजर आता है.
हरियाणा के नारनौल जिले में ऐसी कुछ मिसाल देखने को मिली, जहां एक पिता ने अपनी बेटी को दहेज के रूप में ₹1 का कन्यादान दिया और इसके साथ ही पर्यावरण सरक्षण का सन्देश देते हुए 11 पौधे भी दान में दिए. इस अनोखे दान की अब हर जगह चर्चा हो रही है.
पूर्व शिक्षा मंत्री ने भी दिया वर- वधु को आशीर्वाद
इस मौके पर महेंद्रगढ़, भिवानी और झज्जर के कई सामाजिक संगठनों के लोगों के साथ पूर्व शिक्षा मंत्री गीता भुक्कल भी मौजूद रहीं. बता दें कि नारनौल के गांव ढाणी बठोठा के रहने वाले हरपाल यादव ने अपनी बेटी वंदना की शादी झज्जर जिले के लीलाहेड़ी निवासी अवधेश यादव के साथ की. दूल्हे बने अवधेश यादव ने कहा कि दहेज आज के समय में एक बहुत बड़ी कुरीति है, जिसे हम सबको मिलकर खत्म करना होगा. इसके अलावा, हमें पर्यावरण को बचाने का भी संकल्प लेना होगा.
दुल्हन ने की दहेज़ उन्मूलन की अपील
दुल्हन बनी वंदना यादव ने बताया कि जैसे उनके परिवार ने दहेज जैसी कुप्रथा को रोकने का काम किया है. ऐसे सभी को इसे खत्म करने के लिए आगे आना चाहिए. इस मौके पर सदाचारी शिक्षा समिति एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस युवा जागृति सेवा समिति के प्रतिनिधि भी पहुंचे. उन्होंने वर वधु को आशीर्वाद देकर उनके उज्जवल भविष्य की कामनाएं की.
