नई दिल्ली | सरकारी कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. दरअसल, लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स इस समय 8वें वेतन आयोग की राह देख रहे है. सैलरी, पेंशन और भत्तों में वृद्धि को लेकर भी अंदाजा लगाया जा रहा है. बता दें कि अब आयोग के गठन के बाद आने वाले सालों में सरकारी वेतन के ढांचे में सुधार की संभावना जताई जा रही है. हालांकि, इसके लिए कोई तारीख तय नहीं हुई है.
8वें वेतन आयोग का प्रभाव
8वां वेतन आयोग लागू होने से लगभग 50 लाख केंद्रीय कर्मचारियों और लगभग 69 लाख पेंशनर्स की सैलरी और पेंशन में बढ़ोतरी होगी. इसका असर देश के बड़े भाग की आय पर पड़ेगा. 7वें वेतन आयोग का समय लगभग आखिरी चरण पर है. ऐसे में सरकार की ओर से इशारे मिल रहे है कि 1 जनवरी 2026 से बढ़ी हुई सैलरी और पेंशन मिलने की उम्मीद की जा सकती है.
आयोग का किया गठन
बता दें कि केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने लोकसभा में जानकारी देते हुए कहा है कि 8वें वेतन आयोग का गठन 8 नवंबर 2025 को किया गया है और इसकी अध्यक्षता जस्टिस रंजन प्रभा देसाई द्वारा की जा रही है. इसके अलावा प्रो. पुलक घोष को पार्ट टाइम सदस्य और पंकज जैन को सदस्य सचिव के रूप में चुना गया है. आयोग की अपनी सिफारिशें तैयार करने में लगभग 18 महीने का समय लगता है, ऐसे में 2027 के मिडल तक रिपोर्ट आने की उम्मीद है.
फिटमेंट फैक्टर पर करेगा निर्भर
वेतन और पेंशन में कितनी बढ़ोतरी होगी, यह मुख्य रूप से फिटमेंट फैक्टर पर निर्भर करेगा. फिटमेंट फैक्टर एक तरह का गुणक होता है, जिससे मौजूदा बेसिक सैलरी और पेंशन को गुणा करके नई रकम तय की जाती है. वहीं, DA और DR को बेसिक सैलरी में मर्ज करने के सवाल पर सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल ऐसा कोई प्रस्ताव नहीं है. DA और DR पहले की तरह हर 6 महीने में AICPI- IW के आंकड़ों के आधार पर बढ़ते रहेंगे.
