नई दिल्ली | भारत एक कृषि प्रधान देश है, जहां बड़ी संख्या में लोग प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से कृषि से जुड़े हुए हैं. देश की अर्थव्यवस्था भी काफी हद तक कृषि पर निर्भर करती है. किसानों की आर्थिक स्थिति सुधारने और उनकी आय बढ़ाने के लिए लगातार नए आविष्कार किए जा रहे हैं. इसी क्रम में दिल्ली और कानपुर IIT के सहयोग से 40 गांव विकास परिषद ने एक खास कोठी विकसित की है, जिसमें दो से तीन सप्ताह तक फल और सब्जियां खराब नहीं होंगी.
किसानों को होगा बड़ा फायदा
परिषद के अध्यक्ष देव प्रकाश गोयल ने इस कोठी को तैयार किया है. इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें रखा गया फल या सब्जी लंबे समय तक ताजा बना रहता है, क्योंकि कोठी का तापमान फलों और सब्जियों के अनुरूप बना रहता है. इस तकनीक का उपयोग करने से किसानों को बड़ा लाभ मिलेगा. वे अपनी उपज को अधिक समय तक सुरक्षित रख पाएंगे और नुकसान से बच सकेंगे.
किसानों के लिए बना स्मार्ट विलेज सेंटर
इस परियोजना में कई विशेषज्ञ शामिल हैं, जिनमें दिल्ली पुलिस से रिटायर्ड रमेश चंद्र, परिषद के अध्यक्ष देव प्रकाश गोयल, एक्सपर्ट श्रीधर और साधना का नाम प्रमुख है. इनका मुख्य उद्देश्य किसानों के लिए नई तकनीक विकसित कर उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत करना है. स्मार्ट विलेज सेंटर किसानों के लिए एक आदर्श केंद्र के रूप में उभर रहा है, जहां मिट्टी की जांच, फसल संबंधी सलाह, ड्रोन तकनीक, ऑर्गेनिक खाद निर्माण और प्लास्टिक हटाने जैसी सुविधाएं दी जा रही हैं.
मशीन से जांची जाती है मिटटी
यहाँ एक मशीन लगी है, जो मिट्टी की उर्वरक क्षमता और जल स्तर को जांचती है. किसान अपनी मिट्टी का सैंपल लाकर जांच करवा सकते हैं और विशेषज्ञों से सलाह ले सकते हैं. इसके अलावा, गोबर और खाद से दीए बनाने की ट्रेनिंग भी दी जा रही है. किसानों के लिए एक एप्लिकेशन भी बनाया गया है, जिसके माध्यम से उन्हें खेत और फसल से जुड़ी सभी महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं.
