नई दिल्ली | वह दिन लद चुके जब नौकरी को ही रोजगार का साधन समझा जाता था. आज समय बदल चुका है और लोगों ने खुद के रोजगार के अवसर भी ईजाद कर लिए हैं. आज लोग न केवल अपने पैरों पर खड़े हैं, बल्कि औरों को भी रोजगार दे रहे हैं. समाज में ये लोग रोजगार के नए- नए तरीके जनरेट कर रहे हैं. इससे बाकियों को भी इंस्पिरेशन मिल रही है.
25 वर्षों से बना रहे स्केच
कनॉट प्लेस में कल्याण नाम के बुजुर्ग एक छोटी सी स्टॉल लगा रहे हैं. खास बात ये है कि वह चंद मिनटों में लोगों का लाइव स्केच बनाकर तैयार कर देते हैं. उन्हें इस कला से इतना ज्यादा प्यार है कि वह इसे अपने रोजगार के साधन के रूप में भी अपना चुके हैं. इतनी उम्र होने के बावजूद भी वह अपनी कला को सहेजे हुए हैं.
53 वर्षीय बुजुर्ग कल्याण बताते हैं कि बीते 25 सालों से वह स्केच बनाने का काम कर रहे हैं. शुरू से ही उन्हें इसमें काफी मजा आता था. आज वह खुशी- खुशी अपने इस पेशे को फॉलो कर रहे हैं. साथ ही, इसे अपने रोजगार का साधन बनाए हुए हैं.
500 में बनाते हैं स्केच
वह हरियाणा के रहने वाले हैं और हर रोज कनॉट प्लेस में जाकर लोगों की हूबहू तस्वीर बनाकर दे देते हैं. अब वह अपने पूरे परिवार के साथ दिल्ली में ही रहते हैं. वह स्केच बनाने के ₹500 लेते हैं. लोगों की डिमांड के हिसाब से उनकी पेंटिंग का लेवल भी बढ़ता जाता है, जिनकी कीमत लाखों रुपए तक चली जाती है. वह पालिका बाजार के सामने हर रोज शाम के समय बैठते हैं. वह हर चीज का 15 मिनट के अंदर स्केच तुरंत बनाकर दे देते हैं.
