नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में आमजन को ट्रैफिक जाम से निजात दिलाने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में दिल्ली सरकार की व्यय वित्त समिति ने दक्षिणी दिल्ली से जुड़े लोक निर्माण विभाग (PWD) के 3 महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट्स को मंजूरी प्रदान कर दी है. इन प्रोजेक्ट्स पर 759 करोड़ रुपए खर्च होंगे और ढाई साल में इन्हें पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है.

दिल्ली में फ्लाईओवर का विस्तार
मोदी मिल फ्लाईओवर से IIT गेट चौराहे तक दोनों साइड पूरा कॉरिडोर तीन-तीन लेन का होगा. इससे आउटर रिंग रोड और कैप्टन गौर मार्ग चौराहे पर दोतरफा नए फ्लाईओवर का निर्माण किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर कैप्टन गौर मार्ग- आउटर रिंग रोड और आउटर रिंग रोड से जीके- 2 रोड जैसे चौराहों से ट्रैफिक जाम का झंझट खत्म हो सकेगा.
डबल होगा सावित्री सिनेमा फ्लाईओवर
अभी सावित्री सिनेमा के सामने मोदी मिल से IIT की ओर जाने के लिए सिंगल फ्लाईओवर है, लेकिन IIT से मोदी मिल आने के लिए फ्लाईओवर नहीं है. अब इस तरफ तीन लेन कैरिजवे का नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा. इसके निर्माण पर 58.81 करोड़ रुपए की धनराशि खर्च होगी. इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर IIT के लिए आवाजाही करना बेहद आसान हो जाएगा.
नई ड्रेन का होगा निर्माण
दक्षिणी दिल्ली में मानसूनी सीजन के दौरान होने वाले जलभराव की समस्या से परमानेंट छुटकारा दिलाने के लिए लाडो सराय टी- प्वाइंट से पुल प्रह्लादपुर तक एमबी रोड के दोनों ओर 22.76 किलोमीटर लंबे प्री- कॉस्ट आरसीसी बॉक्स ड्रेन का निर्माण किया जाएगा. इस प्रोजेक्ट पर 387.84 करोड़ रुपए की धनराशि खर्च होगी.
दिल्ली सरकार ने PWD मंत्री प्रवेश वर्मा ने बताया कि EFC द्वारा धनराशि की मंजूरी के बाद हमारी सरकार पूरी लगन के साथ इन प्रोजेक्ट्स को पूरा करने की दिशा में आगे बढ़ेगी ताकि लोगों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके. उन्होंने बताया कि 2 फ्लाईओवर के विस्तार से दक्षिणी दिल्ली को सुगम और सिग्नल फ्री सफर का अनुभव मिलेगा. वहीं, ड्रेन निर्माण से जलभराव का झंझट खत्म हो जाएगा.