नई दिल्ली | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से हरियाणा और UP के बीच सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को मजबूत करने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में अब मेरठ, नोएडा, पानीपत और करनाल के बाद बहादुरगढ़ व रोहतक तथा बागपत व बड़ौत सहित कई अन्य इलाकों को नमो भारत कॉरिडोर के दायरे में लाने की योजना बनाई गई है. इससे NCR के ज्यादातर शहरों के बीच हाईस्पीड रेल कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी.

दिल्ली- बहादुरगढ़- रोहतक नमो भारत कॉरिडोर
दिल्ली से वाया बहादुरगढ़ होते हुए रोहतक तक नमो भारत कॉरिडोर रैपिड रेल नेटवर्क के दूसरे चरण का हिस्सा है. इस कॉरिडोर की बदौलत दिल्ली को हरियाणा के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र और एजुकेशन हब बहादुरगढ़ व रोहतक से सुपरफास्ट कनेक्टिविटी मिलेगी. इस रूट से ट्रेन या सड़क मार्ग के मुकाबले दिल्ली से रोहतक का सफर नाममात्र समय में पूरा होगा. इससे दिल्ली- रोहतक (NH- 10) से ट्रैफिक दबाव कम करने में मदद मिलेगी. रोहतक की MDU और अन्य शैक्षणिक संस्थानों के लिए दिल्ली से आवागमन करने वालों को इस नई परिवहन सुविधा का तगड़ा फायदा पहुंचेगा.
इस प्रोजेक्ट की डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) को अंतिम मंजूरी का इंतजार है. हरियाणा और केंद्र सरकार के बीच DPR तैयार करने और बजट को लेकर वार्तालाप का सिलसिला जारी है. इस कॉरिडोर में दिल्ली के सराय काले खां से शुरू होकर मुंडका, बहादुरगढ़ और सांपला होते हुए रोहतक स्टेशन तक रूट बनाया जा सकता है. इसे दिल्ली मेट्रो की ग्रीन लाइन (इंद्रलोक, कीर्ति नगर से बहादुरगढ़) और भारतीय रेलवे से भी जोड़ा जा सकता है.
दिल्ली- शाहदरा- बड़ौत रैपिड रेल कॉरिडोर
इस परियोजना से बागपत और बड़ौत जैसे कृषि प्रधान क्षेत्रों को दिल्ली से सुपरफास्ट परिवहन कनेक्टिविटी की सुविधा मिलेगी. किसानों और कारोबारियों के लिए दिल्ली की मंडियों और बाजारों तक पहुंच आसान बनेगी. बड़ौत और बागपत से दिल्ली के विश्वविद्यालयों के लिए आवाजाही सुगम हो जाएगी. इस रूट से दिल्ली- मेरठ नमो भारत रूट की तरह खेकड़ा, बागपत और बड़ौत के आसपास के इलाकों में आवासीय और औद्योगिक संपत्तियों की मांग बढ़ेगी. इस परियोजना की DPR तैयार करने पर विचार- विमर्श चल रहा है.