नूंह | करीब 7 महीने बाद हरियाणा के नूंह जिले के गांव जैवंत के लोगों की जिंदगी में खुशियां लौट आई हैं. एक लंबे अर्से के बाद ग्रामीणों के पैर जमीन पर पड़े है. बारिश के बाद जलभराव की वजह से टापू बने घरों में रहने वाले लोगों को करीब 7 महीने तक हवा भरी ट्यूब से सफर का दंश झेलना पड़ा है.
बारिश के चलते हुए जलभराव से गांव की लगभग 500 एकड़ भूमि पूरी तरह से जलमग्न हो चुकी थी, लेकिन प्रशासन द्वारा गांव को इस समस्या से छुटकारा दिलाने के बाद लोगों की जिंदगी पहले की तरह सामान्य हो गई है. पानी से घिरे ग्रामीण अब ट्यूब की बजाय जमीन के रास्ते घर की आवाजाही करने लगे हैं.
500 एकड़ भूमि पूरी तरह से हो गई थी जलमग्न
पिछले साल अक्टूबर महीने में हुई बारिश की वजह से जैवंत गांव की लगभग 500 एकड़ जमीन पूरी तरह से जलमग्न हो गई थी. गांव में टापू जैसे हालात पैदा हो गए थे. सैकड़ों घर पानी की चपेट में आ गए थे. बच्चों को स्कूल जाने और ग्रामीणों को घरेलू सामान खरीदने के लिए आवागमन करते समय हवा भरी ट्यूबों से जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ा है.
प्रशासन ने किया समाधान
मीडिया रिपोर्ट्स में इस मामले के सामने आने पर डीसी विश्राम कुमार मीणा ने संज्ञान लेते हुए तुरंत प्रभाव से गांव में चार पंप सेट और बिजली का मोटर पानी की निकासी के लिए भिजवाया था. पानी की जल्दी निकासी के लिए प्रशासन ने बिजली की 22 खंभों की लाइन व ट्रांसफार्मर लगवाकर कई बिजली के मोटर व पंप सेट लगवाकर जल निकासी का कार्य 17 जनवरी से शुरू किया था और तभी से लगातार पानी की निकासी का कार्य चल रहा है. अब गांव से पूरी तरह से पानी की निकासी हो चुकी है और लोगों ने राहत की सांस ली है.
जैवंत में जलभराव की समस्या दैनिक जागरण में 9 जनवरी के अंक में प्रकाशित हुई थी. इसे पढ़कर मैंने पानी की निकासी का काम शुरू कराने का आदेश दिया. दोबारा यह समस्या फिर न हो, इसके लिए तीन करोड़ 75 लाख रुपये का एक प्रस्ताव सरकार को भेजा गया है. इसके मंजूर होने पर स्थायी समाधान हो जाएगा- विश्राम कुमार मीणा, उपायुक्त, नूंह
