रेवाड़ी | हरियाणा में ग्रामीण क्षेत्रों के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पंचायती विभाग द्वारा एक स्मार्ट विलेज परियोजना तैयार की गई है. इस योजना के तहत, पहले चरण मे 10 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों का चुनाव किया गया. इसमें विभाग को रेवाड़ी के कोसली गांव की गलियों को मॉडल लुक देने के लिए प्रस्ताव भेजा गया है.
हरियाणा में स्मार्ट विलेज प्रोजेक्ट
रेवाड़ी जिले को इस तरह विकसित किया जाएगा कि उन्हें स्वच्छता, सौंदर्य एवं आधुनिक सुविधाएं गांव में ही उपलब्ध होगी. इन गलियों को मॉडल लुक देने से न केवल गांव का माहौल बदलेगा बल्कि उन्हें बिजली, पानी और सीवरेज निकासी जैसी समस्याओं से भी निजात मिलेगा. इसके अलावा, सुरक्षा और सुविधा के लिए गली के दोनो तरफ आधुनिक स्ट्रीट लाइटें लगाई जाएगी.
गली को साधारण साम्रगी की बजाय पक्की टाइल्स के साथ बनाया जाएगा ताकि लंबे समय तक चल सके. पानी की निकासी के लिए नालियों को लोहे के जाल से ढका जाएगा, ताकि उनमें कचरा ना फंसे. गांव में आने वाले लोगों की जानकारी के लिए प्रवेश द्वार पर नक्शा एवं सूचना पट्ट लगाया जाएगा जिससे गांव को मार्डन लुक मिलेगा.
3 चरणों में पूरा होगा काम
विभाग द्वारा आबादी के आधार पर पूरे प्रोजेक्ट को 3 चरणों में डिवाइड किया है. पहले चरण में 10 हजार से अधिक आबादी वाले गांवों को शामिल किया है. दूसरे चरण में 5 से 10 हजार के बीच आबादी वाले गांवो को शामिल किया गया है. तीसरे चरण में सभी छोटे गांवों में गलियों का निर्माण किया जाएगा. मुख्य गलियों का काम पूरा होने के बाद अन्य गलियों को भी इसी तरह मॉडल लुक दिया जाएगा. स्मार्ट स्ट्रीट बनाने का लक्ष्य सिर्फ सौंदर्य नही, बल्कि ग्रामीण रहन- सहन और खान- पान को ऊंचा उठाना है.
मंजूरी मिलते ही काम होगा शुरू
पहले चरण में 10 हजार से अधिक आबादी वाले गांवो को प्राथमिकता दी गई है जिसमें पंचायती विभाग ने रेवाड़ी के बड़े गांव कोसली में बदलाव के लिए तैयारियां शुरू कर दी है. विभाग को कोसली गांव के लिए प्रस्ताव जारी कर दिया गया है. इसकी तकनीकी बारिकियों पर काम चल रहा है जिसकी लागत तैयार कर मुख्यालय भेजी जाएगी. उसके बाद, बजट और मंजूरी मिलते ही काम शुरु कर दिया जाएगा.
