कोरोना कहर: हरियाणा के इस बड़े मेडिकल संस्थान ने खड़े किए हाथ, जाने

रोहतक । बढ़ते कोरोना संक्रमण की वजह से अब पीजीआई में भी हालात बेकाबू होने लगें हैं. किसी तरह दिन -रात काम करके अधिकारी अब तक तो स्थिति को कंट्रोल में किए हुएं थे लेकिन अब बात उनके बस से बाहर निकल चुकीं हैं. आक्सीजन की कमी के कारण नए कोविड मरीजों की भर्ती पर रोक लगा दी गई है. पीजीआई में जैसे ही फिर से आक्सीजन की आपूर्ति पूरी होगी,नए मरीजों की भर्ती शुरू कर दी जाएगी.

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यहां गौर करने लायक बात यह है कि पीजीआई में फिलहाल 285 बैड कोविड मरीजों के लिए है लेकिन 308 मरीज यहां भर्ती है. चिकित्सा अधीक्षक डॉ पुष्पा दहिया ने रविवार शाम 8 बजे से नए संक्रमितों की भर्ती पर पाबंदी लगातें हुए कहा है कि फिलहाल जो मरीज यहां एडमिट है, उन्हीं का इलाज किया जाएगा.

कोविड आइसीयू मैन पावर बढ़ाई

रविवार को पीजीआई में इमरजेंसी बैठक बुलाई गई. कोविड सेंटर के लिए ट्रामा और माड्यूलर आइसीयू में करीब 100 बिययर,70 स्वीपर समेत नर्सिंग स्टाफ, मल्टीपरपज हेल्थ वर्कर की संख्या बढ़ाई गई.

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तैयार हो रहें हैं 650 बैड

पीजीआई प्रशासन द्वारा 650 नए बेड तैयार करवाएं जा रहे हैं लेकिन इसमें समस्या ये आएगी कि इन बेड पर आक्सीजन सप्लाई कैसे होगी. सेंट्रल पूल पर पहले ही दबाव है. वहां से बात सिरे नहीं चढ़ती है तो हर बेड पर आक्सीजन सिलेंडर का इंतजाम करना पड़ेगा.

स्टाफ भी झेल रहा है परेशानी

संस्थान में कार्यरत स्टाफ का कहना था कि मार्च महीने का वेतन अभी तक नहीं मिला है. डाक्टर, नर्स, स्वीपर समेत हैल्थ वर्कर हर रोज संक्रमित हो रहें हैं. अधिकारी लगातार हालात पर काबू पाने के लिए प्रयास कर रहे हैं. जितना स्टाफ बचा है वो भी कोविड ड्यूटी के कारण थक कर चूर है. पीजीआई के हालातों पर सरकार ने जल्द ही गौर नहीं किया तो हालात ओर बिगड़ने वाले हैं.

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