रोहतक । सुरक्षित ड्राइविंग के लिए प्रशासन व ट्रैफिक पुलिस द्वारा अनेक जागरूकता अभियान चलाएं जातें हैं लेकिन सच्चाई यह है कि वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर लापरवाही व ओवरस्पीड से गाडियां चलाते रहते हैं. ऐसा करके वो न सिर्फ अपनी जान जोखिम में डाल रहे हैं बल्कि दूसरों की जिंदगी से भी खिलवाड़ कर रहे हैं. हालांकि ट्रैफिक पुलिस द्वारा ऐसे वाहन चालकों पर शिकंजा भी कसा जा रहा है और साल 2021 के आंकड़ों पर नजर दौड़ाएं तो जिलें में ओवरस्पीड के 3073 चालान काटे गए हैं.
ओवरस्पीड वाहनों पर यह कार्रवाई
यदि किसी वाहन की स्पीड निर्धारित सीमा से अधिक होती है तो ट्रैफिक पुलिस की इंटरसेप्टर गाड़ी दूर से ही उसे ट्रेस कर लेती है. ओवरस्पीड पाएं जाने पर ड्राइवर का लाइसेंस तीन महीने के लिए सस्पेंड कर दिया जाता है. ड्राइविंग लाइसेंस सस्पेंड होने के बाद उसे संबंधित ऑथोरिटी के पास भेजा जाता है.
उदाहरण के तौर पर यदि कोई वाहन चालक मोहाली से है और उसका ओवरस्पीड चालान रोहतक में कटा हैं तो उसका लाइसेंस मोहाली आरटीओ के पास भेजा जाएगा. ओवरस्पीड वाहन मिलने पर दो हजार रुपए ओवरस्पीड और पाच हजार रुपए डेंजर ड्राइविंग का जुर्माना लगता है. वाहन चालक को जुर्माना राशि भरने के बाद तीन माह बाद ड्राइविंग लाइसेंस वापिस मिलेगा.
2020 में एक भी चालान नहीं
ट्रैफिक पुलिस के आंकड़ों के अनुसार 2020 में ओवरस्पीड का एक भी चालान नहीं किया गया था. बता दें कि ओवरस्पीड चालान करने के लिए इंटरसेप्टर गाड़ी की जरूरत होती है, जिसमें अत्याधुनिक कैमरे समेत अन्य उपकरण होते हैं. 2020 में रोहतक ट्रैफिक पुलिस को दो गाड़ियां मिली थी लेकिन तकनीकी खामियों के चलते उन्हें वापस कर दिया गया था. इसके बाद 2021 में यह गाड़ी अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होकर वापस रोहतक भेजी गई.
वहीं इस मामले को लेकर एसएचओ ट्रैफिक इंस्पेक्टर कुलबीर सिंह ने कहा कि यातायात नियमों का पालन करने के लिए वाहन चालकों को जागरूक किया जा रहा है. फिर भी यदि कोई ट्रैफिक नियमों की अवहेलना करते हुए पकड़ा गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी.
