सिरसा | हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने राष्ट्रीय साधन सहयोग्यता छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMS) का प्रोविजनल परिणाम जारी कर दिया है. इस बारे में जानकारी देते हुए एनएमएमएस के नोडल अधिकारी हरीश चावला ने बताया कि प्रदेश भर के 48,543 बच्चों ने इस छात्रवृत्ति परीक्षा में भाग लिया था, जिनमें से 2,337 बच्चों का चयन हुआ है. सफल विद्यार्थियों को चार साल तक हर महीने ₹1,000 की छात्रवृत्ति दी जाएगी. इससे वे अपनी पढ़ाई के लिए आवश्यक कॉपी-किताबें खरीद सकेंगे और माता-पिता पर निर्भर नहीं रहेंगे.
17 नवंबर को हुई थी परीक्षा
सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों के लिए सरकार समय-समय पर नई योजनाएं लाती है, जिनका लाभ छात्रों को मिल रहा है. इसी कड़ी में चयनित विद्यार्थियों को अगले चार वर्षों तक ₹48,000 की वित्तीय सहायता प्रदान की जाएगी. यह परीक्षा 17 नवंबर को आयोजित की गई थी और अब शिक्षा विभाग ने मंगलवार को इसका परिणाम घोषित कर दिया है. अब इन विद्यार्थियों के दस्तावेजों का सत्यापन किया जाएगा.
परीक्षा के लिए छात्रों ने ऑनलाइन आवेदन किए थे. सिरसा जिले से कुल 3,739 आवेदनों के साथ यह प्रदेश में शीर्ष पर रहा, जबकि पूरे हरियाणा से 48,543 आवेदन प्राप्त हुए थे. चयन के मामले में हिसार जिला 193 सफल विद्यार्थियों के साथ पहले स्थान पर रहा, वहीं यमुनानगर के 183 विद्यार्थी चयनित होकर दूसरे स्थान पर रहे.
ये हैं पात्रता मानदंड
छात्रवृत्ति योजना के तहत आरक्षण के नियमों का पालन किया गया है. इसके लिए आवेदन करने वाले परीक्षार्थियों के माता-पिता की वार्षिक आय ₹3.5 लाख से अधिक नहीं होनी चाहिए. चयनित विद्यार्थियों को जिला स्तर पर आरक्षण के अनुसार छात्रवृत्ति प्रदान की जाएगी. इसमें BCA वर्ग के लिए 16%, BCB वर्ग के लिए 11%, SC वर्ग के लिए 20%, और शारीरिक रूप से दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए 3% आरक्षण तय किया गया है. सामान्य वर्ग के विद्यार्थियों को सक्षम अधिकारियों द्वारा जारी प्रमाण पत्र की कॉपी आवेदन के समय अपलोड करनी होगी, जिसके आधार पर उन्हें आरक्षण का लाभ दिया जाएगा.
