चंडीगढ़ | मुख्यमंत्री नायब सैनी और प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली के खिलाफ तीखी प्रतिक्रिया के बाद पार्टी हाईकमान की ओर से कारण बताओ नोटिस पाने वाले उर्जा एवं परिवहन मंत्री अनिल विज ने इसका जवाब दे दिया है. उन्होंने 8 पन्नों में कारण बताओ नोटिस का जवाब पार्टी हाईकमान के पास भेज दिया है.
और जवाब चाहिए तो देने को तैयार: विज
मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री अनिल विज ने कहा कि मैं तीन दिन से बेंगलुरू में था. कल घर आकर सबसे पहले ठंडे पानी से स्नान किया. फिर खाना खाया और उसके बाद बैठकर आराम से कारण बताओ नोटिस का जवाब दिया है. मैंने नोटिस का जवाब समय से पहले दे दिया है. मैंने पार्टी हाईकमान को लिखे पत्र में कहा है कि अगर किसी और बात का जवाब चाहिए तो वो भी देने को तैयार हूं.
इस वजह से मिला था नोटिस
अपने बेबाक अंदाज के लिए मशहूर अनिल विज ने मुख्यमंत्री नायब सैनी को लेकर कहा था कि जब से मुख्यमंत्री बने हैं, उड़नखटोले में ही घूम रहे हैं. नीचे उतरे तो जनता, विधायकों और मंत्रियों के दुःख का पता चले. इसके अलावा कसौली गैंगरेप मामले को लेकर उन्होंने प्रदेशाध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली से इस्तीफा देने की बात कही थी, जिसके बाद उन्हें पार्टी हाईकमान की ओर से कारण बताओ नोटिस जारी किया गया था.
अब आगे क्या होगा?
अनिल विज के जवाब पर पार्टी हाईकमान क्या एक्शन लेगा, इसपर सभी की नजरें टिकी हुई है. राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यदि अनिल विज अपने जवाब में उनके द्वारा दिए गए बयानों पर खेद प्रकट करते हैं तो पार्टी उन्हें चेतावनी देकर इस मामले को यहीं रफा-दफा कर देगी. वहीं, कार्रवाई के तौर पर पार्टी उनसे मंत्री पद भी वापस ले सकती है.
पार्टी सूत्रों का कहना है कि अनिल विज को नोटिस जारी करने के पीछे एक वजह यह भी है कि पार्टी बाकी नेताओं को भी एक कड़ा संदेश देना चाहती है क्योंकि प्रदेश कैबिनेट में सीएम नायब सैनी से कई सीनियर मंत्री हैं. ऐसे में आगे कोई इस तरह की घटना न हो, इसलिए पार्टी हाईकमान की ओर से यह कार्रवाई अमल में लाई गई है.
