स्ट्रॉबेरी की खेती ने बदली किसान दिनेश की किस्मत, आज लाखों रुपए सालाना तक पहुंची कमाई

सोनीपत | हरियाणा में किसान परम्परागत खेती का मोह त्याग कर बागवानी और ऑर्गेनिक खेती की ओर तेजी से बढ़ रहें हैं. प्रदेश की मनोहर सरकार भी ऐसे प्रगतिशील किसानों को प्रोत्साहित राशि देकर उनका मनोबल बढ़ाने का काम कर रही है. ऐसे किसान आधुनिक खेती को बढ़ावा देकर न सिर्फ लाखों रुपए आमदनी कमा रहे हैं, बल्कि कई अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का जरिया बन रहें हैं.

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स्ट्रॉबेरी की खेती से चमकी किस्मत

सोनीपत जिले के गन्नौर क्षेत्र के गांव खेड़ी गुज्जर के किसान दिनेश कुमार ने परम्परागत खेती का मोह त्याग कर स्ट्रॉबेरी की खेती में हाथ आजमाया. आज वह न केवल इस खेती से लाखों रुपए सालाना आमदनी कर रहे हैं, बल्कि अन्य किसानों के लिए भी उदाहरण पेश कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि साल 2021 में खेती में कुछ नया करने की ठानी. इस दौरान पड़ोसी गांव बजाना के किसान प्रवीण सिंह से मुलाकात हुई, जो खुद भी स्ट्रॉबेरी की खेती करता है.

दिनेश ने बताया कि उससे प्रभावित होकर उसने आधा एकड़ जमीन पर स्ट्रॉबेरी की खेती शुरू की. करीब सात महीने की खेती में उसे शुरुआत में ढाई लाख रुपए की बचत हासिल हुई. इससे परिजनों के भी हौसले बुलंद हुए और मुझे भी और अधिक जमीन पर स्ट्रॉबेरी की खेती करने की ताकत मिली. इसके बाद उसने दो एकड़ जमीन पर स्ट्रॉबेरी की फसल लगाई और टोटल खर्चे काटकर करीब 12 लाख रुपए की बचत हुई. आज वह चार एकड़ जमीन पर स्ट्रॉबेरी की फसल लगाकर सालाना लाखों रुपए की कमाई कर रहा है.

पुणे से बीज मंगवाया

उन्होंने बताया कि स्ट्रॉबेरी की फसल सितंबर में लगाई जाती है और अप्रैल में खत्म हो जाती है. इसके लिए पुणे से बीज मंगवाया जाता है. बीज आने के बाद खेत को अच्छी तरह से साफ कर लाइने बनाकर उसमें बीज लगा दिया जाता है और ऊपर से पॉलीथीन रखी जाती है, ताकि फसल खराब न हो. कुछ दिनों बाद फसल आनी शुरु हो जाती है, जिसे वह बाजार में बेच देते है.

40 लोगों को दे रहे रोजगार

किसान दिनेश ने बताया कि जब उसने स्ट्रॉबेरी की खेती करना शुरू किया था तो उसके पास 3 मजदूर काम करते थे लेकिन जैसे- जैसे खेती का रकबा बढ़ता गया तो और अधिक मजदूरों की जरूरत होने लगी. आज उसके पास 40 से अधिक मजदूर काम कर रहे हैं. ऐसे में वह इस खेती के जरिए अन्य लोगों के लिए भी रोजगार का सहारा बन रहे हैं.

उन्होंने बताया कि एक एकड़ जमीन पर स्ट्रॉबेरी की फसल लगाने में करीब 4 लाख रुपए तक खर्च आता है और एक एकड़ फसल बिक्री पर करीब 10 लाख रूपए तक की बचत निकल आती है. उनकी स्ट्रॉबेरी की मांग दिल्ली की आजादपुर मंडी के अलावा गुवाहाटी और नागपुर तक है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.