Tokyo Olympics: रोमांच और खुशी के बीच नीरज के कोच चाचा के गले लगकर रोए

पानीपत | Tokyo Olympic में नीरज चोपड़ा के मुकाबले के दौरान उनके गांव में रोमांच, उत्तेजना और खुशी का माहौल था. नीरज के स्वर्ण पदक जीतते ही सारा तनाव जश्न में बदल गया. खंडरा गांव में शनिवार को बड़ी स्क्रीन पर उनके पुराने दोस्त व ग्रामीण मुकाबला देख रहे थे. यहां नहीं थे तो सिर्फ उनके सबसे पहले कोच जयवीर सिंह उर्फ मोनू. उनकी सभी को तलाश थी. वह वहां से 50 मीटर नीरज चोपड़ा की कोठी में उनके कमरे में चाचा सुरेंद्र कुमार के साथ मुकाबला देख रहे थे. जैसे ही नीरज ने स्वर्ण पदक जीता तो जयवीर, चाचा के गले लग कर रोने लगे. बोले मैंने कहा था कि विश्व के नामचीन थ्रोअर पीछे रहेंगे. निज्जू कर दिखाएगा. निज्जू के अभ्यास पर भरोसा था. मेरा ओलंपिक में पदक का सपना छोटे भाई (शिष्य) ने पूरा कर दिया. इससे बड़ी गुरु दक्षिणा मेरे लिए नहीं हो सकती.

Neeraj Chopra

नीरज अपनी सफलता में जयवीर सिंह का अहम योगदान मानते हैं. इसीलिए उन्होंने गुरु दक्षिणा के तौर पर जयवीर को जैवलिन थ्रोअर के इंडिया कैंप पटियाला में कोच नियुक्त करवा दिया है. नीरज ने कई महीने पटियाला में जयवीर के पास अभ्यास किया तथा इसके बाद वह स्वीडन अभ्यास करने चले गए थे.

80 किलो से ऐसे घटाया वजन

वर्ष 2011 में नीरज चोपड़ा का वजन था 80 किलो. दौड़ने में दिक्कत होती थी. चाचा सुरेंदर उन्हें एक जिम में ले गए. वहां पर भी शरीर फिट न होने पर शिवाजी स्टेडियम में जैवलिन थ्रोअर व फिटनेस ट्रेनर मॉडल टाउन के शांति नगर जितेंद्र जागलान के पास ले गए. जागलान ने दौड़ लगवा कर देखी तो नीरज हांफने लगे. इसके बाद यहीं पर जैवलिन की ट्रेनिंग करने वाले बिंझौल के जयवीर सिंह उर्फ मोनू व जितेंद्र ने जैवलिन थमा दी.

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नीरज ने भाला फेंका तो काफी दूर गया. दोनों ने इसी खेल को खेलने के लिए नीरज को प्रेरित किया. नीरज ने ठान लिया था कि इसी खेल में कुछ कर गुजरना है. जितेंद्र ने 6 महीने में नीरज का वजन 80 किलो से घटवाकर 60 किलो ला दिया.

1. सप्ताह में दो बार 5 किलोमीटर दौड़ लगाते थे.

2. सप्ताह में दो बार 45 मिनट सीढ़ियों पर चढ़ते उतरते थे.

3. 2 दिन ब्रॉड जंप करते थे.

4. 2 दिन 10 से 15, 100 -120 मीटर की स्प्रिंट लगाते थे.

5. शनिवार को बास्केटबॉल व. फुटबॉल खेलते थे.

दूध और चूरमा था पसंद

जितेंद्र बताते हैं कि नीरज चूरमा खाने के शौकीन थे. इसी वजह से वजन बढ़ जाता था. हिट होने पर नीरज ने चूरमा और मिठाई खाना कम कर दिया था. दूध भी खूब पीते थे.

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