चंडीगढ़ | हरियाणा में मौसम परिवर्तनशील बना हुआ है. मार्च की शुरुआत में बढ़ते तापमान और तपिश से लोगों को राहत मिली हुई है, गर्मी से राहत का यह सिलसिला आगे भी जारी रहने वाला है, क्योंकि आने वाले दिनों में एक के बाद एक पश्चिमी विक्षोभ दस्तक देने वाले है, जिसके प्रभाव से 26 मार्च को 40 किलोमीटर प्रतिघंटा की रफ्तार से हवाएं चलने व बारिश के साथ ओलावृष्टि की संभावना है.
पिछले सप्ताह मौसम में हुए बदलाव के कारण दिन और रात के तापमान में गिरावट आई है. दिन का तापमान 29 डिग्री और रात का तापमान 18 डिग्री के पास पहुंच चुका है, जिससे राज्य में मौसम सुहावना बना हुआ है. मौसम विभाग के द्वारा 25 मार्च की रात को पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से मौसम में बदलाव की संभावना जताई गई है.
हरियाणा में आगे कैसा रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञ डॉ. चंद्रमोहन के अनुसार इस सप्ताह राज्य में दो पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होंगे, जिसके असर से अलग- अलग दिनों में बारिश की संभावना है. पहला पश्चिमी विक्षोभ आज रात से सक्रिय होगा, जिसके प्रभाव से 26 और 27 मार्च को प्रदेश के कई हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश, गरज- चमक और 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती है.
दूसरा पश्चिमी विक्षोभ 29 मार्च की रात को सक्रिय होगा, जिससे 30 और 31 मार्च को प्रदेश के अधिकतर इलाकों में अच्छी बारिश की संभावना बनेगी. इस दौरान तापमान में गिरावट और मौसम में ठंडक बढ़ेगी. 26 मार्च को सिरसा, फतेहाबाद, हिसार, भिवानी, जींद, करनाल, पानीपत और सोनीपत में बारिश के आसार है.
किसानों के लिए सलाह
कृषि उपनिदेशक डॉ. राजेश सिहाग ने बताया कि इस समय किसान अपनी सरसों की फसल को काटकर एक जगह इकट्ठी करने की कोशिश करें. जितनी फसल को काटें उसी को एक जगह थोड़े गैप के साथ इकट्ठा करें जिससे अगर ज्यादा बारिश भी होती है, तो भी फसल खराब नहीं होगी क्योंकि गैप रहने से उसमें हवा पास होगी.
सरसों की फसल को काटकर न छोड़े. अगर तेज हवा आती है तो उसका उड़कर बिखरने का डर बना रहेगा, वहीं अभी गेहूं की फसल में कटाई को लेकर जल्दबाजी नहीं करें क्योंकि अभी मौसम में बदलाव रहने की संभावना है.
