हरियाणा का अनोखा मंदिर, यहां अमर शहीदों की होती है पूजा; नाम से ही पता चलती है इसकी खासियत

यमुनानगर | आपने देश में भगवान के कई प्रसिद्ध मंदिरों के दर्शन किए होंगे लेकिन हरियाणा में यमुना किनारे बसे गांव गुमथला राव में एक ऐसा मंदिर है, जहां रोज भगवान नहीं बल्कि अमर शहीदों की पूजा की जाती है. इस मंदिर का नाम भी ऐसा है कि इसे सुनते ही अमर शहीदों की याद आ जाती है. जी हां, यह इंकलाब मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है.

Martyred Temple Yamunanagar

इस मंदिर में शहीदों की पूजा का तरीका भी निराला है. यहां शहीदों की आरती के बजाय देशभक्ति के गीत गूंजते हैं और शहीदों की प्रतिमाओं पर पुष्पांजलि अर्पित कर शहीदों की अमरता के नारे लगाए जाते हैं. यह नियम पिछले 23 साल से लगातार चल रहा है.

यूं आया दिमाग में आईडिया

एंटी करप्शन सोसाइटी के अध्यक्ष और इस मंदिर के संस्थापक एडवोकेट वरयाम सिंह ने बताया कि जब वे दसवीं कक्षा में थे. तब उन्होंने शहीद फिल्म देखी थी और अमर शहीदों के बलिदान से वे बहुत प्रभावित हुए थे. फिर उसके मन में आया कि जैसे देश में भगवान के और सभी देवी-देवताओं के मंदिर हैं. अमर शहीदों के लिए भी ऐसा ही एक स्थान होना चाहिए, जहां कोई भी व्यक्ति उनके बलिदान को याद कर उन्हें श्रद्धांजलि दे सके.

सन 2000 में की गई मंदिर की स्थापना

इस मंदिर की स्थापना हरियाणा एंटी करप्शन सोसाइटी द्वारा वर्ष 2000 में की गई थी. वरयाम सिंह ने बताया कि जिस सोच के साथ इस मंदिर की स्थापना की गई थी, वह भावना 23 साल से जनता तक पहुंचाई जा रही है. इंकलाब मंदिर ने शहादत दिवस के मौके पर वीर शहीदों के कैलेंडर और सिक्के जारी करने का मिशन शुरू किया था, जो पूरा हो गया है.

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अब इंकलाब मंदिर वीर शहीदों और क्रांतिकारी वीरांगनाओं को शहीद का दर्जा संवैधानिक तरीके से देने की मांग उठा रहा है और उन्हें उम्मीद है कि सरकार इस मांग को पूरा करेगी.

मंदिर में मनाई जाती है वीर शहीदों की जयंती

वरयाम सिंह ने बताया कि जिस विचारधारा के साथ यह मंदिर बना है. उससे लगातार युवा जुड़ रहे हैं, वे वीर शहीदों के सपनों का भारत बनाना चाहते हैं. इसके अलावा, शहीद उधम सिंह, शहीद भगत सिंह और शहीद मंगल पांडे के परिवार वाले यानी उनके वंशज इस मंदिर में आए हैं और यहां उन्होंने अपने पूर्वजों को नमन भी किया है. अमर शहीदों के वंशजों ने भी देश के इस एकमात्र मंदिर को लेकर खुशी जाहिर की. वरयाम सिंह के मुताबिक इंकलाब मंदिर में वीर शहीदों की जयंती भी बड़े पैमाने पर मनाई जाती है.