अंबाला | त्योहारी सीजन पर भारतीय रेलवे (Indian Railways) के रिटायर्ड कर्मचारियों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है. अब इन कर्मचारियों के साथ सहायक को भी एसी श्रेणी में सफर करने की सुविधा मिलेगी. लगातार मिल रही शिकायतों पर गौर करते हुए रेलवे ने यह सुविधा उपलब्ध कराने का फैसला लिया है.

इन कर्मचारियों को मिलेगा लाभ
भारतीय रेलवे की इस सुविधा का लाभ 70 साल या इससे ज्यादा उम्र के रिटायर्ड कर्मचारियों को मिलेगा और वह अपने साथ एसी कोच में सहायक को ले जा सकेंगे. इस सुविधा का लाभ उठाने के लिए इन कर्मियों को कुछ शुल्क का भुगतान करना होगा, जो मूल किराए का एक तिहाई होगा और उसे टिकट बुकिंग के समय जमा करवाना जरूरी रहेगा. इसके बाद ही रिटायर कर्मचारी और उसके सहायक को टिकट जारी की जाएगी.
पहले यह थी सुविधा
रेलवे के अनुसार रिटायर्ड रेलवे कर्मचारियों और अधिकारियों को रेल पास पर प्रथम व द्वितीय एसी श्रेणी में सफर की अनुमति प्रदान की गई है. इस दौरान वो अपने साथ एक सहायक को निशुल्क ले जा सकता हैं. रेलवे की भाषा में इसे अटेंडेंट की संज्ञा दी गई है लेकिन सहायक को स्लीपर श्रेणी में ही यात्रा करनी पड़ती थी. अब एसी श्रेणी के मूल किराए का तृतीय हिस्सा जमा करवाने पर सहायक भी रेलवे कर्मचारी के साथ एसी कोच में सफर कर पाएगा.
ऐसे समझें उदाहरण
पश्चिम एक्सप्रेस में अंबाला से मुंबई तक का प्रथम एसी का किराया 5250 रुपये हैं और स्लीपर श्रेणी का 750 रुपये है. इन दोनों किराए का अंतर 4500 रुपये है. इसका एक तिहाई 1500 रुपये बनते हैं तो 70 साल वाले रिटायर कर्मचारी को अपने सहायक के लिए 1500 रुपये का भुगतान करना होगा ताकि वो प्रथम एसी श्रेणी में सहायक को अपने साथ यात्रा करवा सके. इसके अलावा एसी का आरक्षण शुल्क भी देय होगा.
रिटायर्ड कर्मचारियों को सफर के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ता था क्योंकि वो खुद एसी श्रेणी में होते थे और उनके सहायक स्लीपर में. अब एक तिहाई किराया जमा करवाने के बाद वो एसी कोच में ही सहायक को अपने साथ रख सकेंगे. इससे उन्हें काफी राहत मिलेगी- नवीन कुमार, वरिष्ठ वाणिज्य प्रबंधक, अंबाला मंडल