चंडीगढ़ | हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा (Bhupendra Singh Hooda) की मुश्किलें एक बार फिर से बढ़ती नजर आ रही हैं. बता दें कि प्रदेश में नई सरकार का गठन होने के बाद पूर्व मुख्यमंत्री को 15 दिन के भीतर सरकारी आवास को खाली करने के निर्देश दिए गए थे, लेकिन ढाई महीने से ज्यादा का समय बीत चुका है, उन्होंने अभी तक सरकारी कोठी को खाली नहीं किया है. अब हुड्डा के खिलाफ पीनल रेंट की कार्रवाई शुरू कर दी गई है.
पूर्व CM ने माँगा 15 दिन का समय
8 अक्टूबर 2024 को हरियाणा विधानसभा चुनाव का परिणाम घोषित किया गया था, जिसमें भाजपा ने 48 सीटें जीतकर सरकार बनाई. नई सरकार के गठन के बाद पूर्व मुख्यमंत्री को चंडीगढ़ स्थित कोठी नंबर 70 को खाली करने के निर्देश दिए गए थे. उस समय पूर्व मुख्यमंत्री ने इस काम के लिए 15 दिन का समय मांगा था. सरकार द्वारा इसे मंजूरी भी प्रदान कर दी गई थी, लेकिन अब ढाई महीने भी बीत चुके हैं उन्होंने कोठी खाली नहीं की है. इसके बाद सरकार द्वारा उन पर 2 लाख रूपए से ज्यादा का पीनल रेंट ठोक दिया है.
विपुल गोयल ने की थी मांग
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री हुड्डा की कोठी नंबर 70 के लिए सैनी सरकार के मंत्री विपुल गोयल द्वारा मांग की गई थी, जिसके बाद पूर्व मुख्यमंत्री को जल्द कोठी खाली करने के लिए कहा गया था. हुड्डा द्वारा कोठी खाली न करने के बाद गोयल द्वारा अब चंडीगढ़ के सेक्टर 7 की कोठी नंबर 71 की मांग की गई है.
कब लगता है पीनल रेंट
हरियाणा लोक निर्माण विभाग के नियम कहते हैं कि जब भी राज्य में नई सरकार का गठन हो जाता है, तब मंत्री या विधायक को 15 दिन के अंदर सरकारी आवास को छोड़ना पड़ता है. तय समय में ऐसा नहीं करने पर उसके खिलाफ पीनल रेंट की कार्रवाई की जाती है. कोठी या आवास खाली करने की तय समय सीमा के 1 महीने के बाद 50 गुना किराया देना पड़ता है. दूसरे महीने में 100 गुना, तीसरे महीने में 200 गुणा और चौथे महीने में 400 गुना पीनल रेंट भरना पड़ता है.
