हिसार | हरियाणा के हिसार जिले में स्थित महाराजा अग्रसेन एयरपोर्ट के संचालन के लिए एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) ने नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) प्रदान कर दिया है. अगले डेढ़ महीने के भीतर एयरपोर्ट को संचालन का लाइसेंस मिलने की संभावना है. अब विमान सेवा शुरू करने के लिए नागरिक उड्डयन महानिदेशालय (DGCA) में नए तरीके से आवेदन किया जाएगा. प्रदेश सरकार ने पांच राज्यों से कनेक्टिविटी के लिए एलायंस एयर के साथ एक समझौता (MoU) साइन किया है. इस एयरपोर्ट पर 503 करोड़ रुपये की लागत से पैसेंजर टर्मिनल का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है और इसका ग्राउंड वर्क जारी है.
नाइट लैंडिंग की मांगी इजाजत
एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया ने यहाँ एक प्रोजेक्ट ऑफिस स्थापित किया है. एयरपोर्ट की सुरक्षा की जिम्मेदारी हरियाणा पुलिस के जवानों को सौंपी गई है. फिलहाल, इस एयरपोर्ट पर नाइट लैंडिंग की अनुमति मांगी गई है. यहाँ के इंफ्रास्ट्रक्चर, ऑपरेशन और मेंटेनेंस सहित सभी आवश्यक प्रक्रियाएं एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया द्वारा संचालित की जाएंगी, जबकि डेवलपमेंट का कार्य हरियाणा सरकार संभालेगी.
शुरुआती उड़ानों में 70 सीटर विमान
प्रारंभिक चरण में हिसार एयरपोर्ट से पांच राज्यों अयोध्या, जम्मू, जयपुर, दिल्ली और अहमदाबाद के लिए 70 सीटर विमानों की उड़ानें शुरू की जाएंगी. यदि यात्रियों की संख्या 70 से कम रहती है, तो उड़ान सेवाओं को 40 सीटर विमानों तक सीमित किया जा सकता है. 2 जनवरी को नागरिक उड्डयन विभाग के सलाहकार नरहरि सिंह बांगड़ ने एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था. एयरपोर्ट पर नियमित रूप से एटीसी, टर्मिनल व अन्य विभागों के अधिकारियों द्वारा निरीक्षण किया जा रहा है.
