शानदार वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है फरीदाबाद की ‘रानी की छतरी’, पर्यटकों के लिए है बेहतरीन

फरीदाबाद | हरियाणा के फरीदाबाद जिले का अपना समृद्ध इतिहास है. यहां कई ऐतिहासिक धरोहर स्थल मौजूद हैं, जिनमें से एक है ‘रानी की छतरी’. 1818 में बल्लभगढ़ के राजा अनिरुद्ध सिंह की याद में उनकी विधवा रानी ने इस स्थल का निर्माण करवाया था. यह वास्तुकला का अद्भुत नमूना है, जो पर्यटकों को बरबस अपनी ओर आकर्षित करता है.

Rani Ki Chatri Faridabad

बेजोड़ है इसकी बनावट

यह स्तंभों से घिरा हुआ एक हॉल है, जिसे चौकोर आधार पर बनाया गया है. यह ऊंचे चबूतरे पर स्थित है और इसे इंडो-इस्लामिक तथा राजपूत वास्तुकला का मिला-जुला रूप दिया गया है. इसके अंदर सुंदर झरोखे, इस्लामी शैली के मेहराब और गुंबद बने हुए हैं. इसकी छत पर गुंबदों के साथ छोटी-छोटी छतरियां बनी हैं. इसके पास ही लाखोरी ईंटों से बना एक सीढ़ीदार तालाब है, जहां रानी स्नान करती थीं. ऐसा माना जाता है कि बल्लभगढ़ के राजा नाहर सिंह महल से तालाब तक एक अंडरग्राउंड सुरंग बनी हुई थी, जिसकी सहायता से रानी स्नान के लिए यहां आती थीं.

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पर्यटकों के लिए है मुफ्त

1857 की क्रांति के दौरान जब राजा नाहर सिंह को अंग्रेजों ने फांसी दी, तब उन्होंने बल्लभगढ़ के कई ऐतिहासिक स्थलों पर कब्जा कर लिया. धीरे-धीरे समय बीतने के साथ इसकी हालत खराब हो गई, लेकिन अब इसकी देखभाल की जा रही है. पर्यटकों के लिए इसे पूरी तरह से मुफ्त रखा गया है. परिवार के साथ समय बिताने के लिए यह एक बेहतरीन डेस्टिनेशन साबित हो सकती है. यहां आकर सैलानी क्वालिटी टाइम बिता सकते हैं. यहां की नक्काशी और शिल्पकला इसे और ज्यादा खूबसूरत बनाती है.

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Nisha Tanwar
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