हरियाणा में तरबूज की खेती से मालामाल हुए किसान, प्रति एकड़ लाखों में कमा रहे मुनाफा

महेन्द्रगढ़ | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) की प्रोत्साहन नीति की बदौलत आज सूबे के किसान परम्परागत खेती का मोह त्याग कर ऑर्गेनिक और बागवानी खेती की ओर तेजी से रूख कर रहे हैं. इसमें किसानों को कम लागत पर अधिक मुनाफा मिल रहा है. इसी कड़ी में कनीना क्षेत्र में करीब 40 एकड़ रकबे पर तरबूज की खेती कर किसान अच्छाई मुनाफा कमा रहे हैं.

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बिजाई का उपयुक्त समय

कनीना क्षेत्र के रिटायर्ड मास्टर ओमप्रकाश इसराना ने बताया कि उन्होंने पिछले साल तरबूज की खेती से लाखों रूपए का मुनाफा कमाया है. वह किसानों को कहना चाहते हैं कि खेती के साथ- साथ यदि तरबूज की खेती की जाएं तो किसान अपनी आर्थिक स्थिति को और ज्यादा बेहतर कर सकते हैं. तरबूज की खेती के लिए मार्च का महीना सबसे उपयुक्त समय रहता है, लेकिन अप्रैल के पहले हफ्ते तक बिजाई की जा सकती है.

बागवानी केंद्र के नर्सरी विशेषज्ञ डॉ. अंकुश यादव ने बताया कि तरबूज की 1 एकड़ रकबे पर खेती में 25 हजार रूपए खर्च आता है. उसके बाद, फसल अच्छी हो जाए तो 150 क्विंटल तक तरबूज का उत्पादन हो जाता है. बाजार में तरबूज 1500 से 3000 हजार रूपए प्रति क्विंटल तक बिक जाता है. यानि 1 एकड़ से एक से डेढ़ लाख रुपए तक मुनाफा हो जाता है, जबकि परम्परागत खेती में खूब मेहनत के बाद 30- 40 हजार रूपए तक मुनाफा मिलता है.

तरबूज की बिजाई की विधि

बिजाई के समय लगभग 4- 4.5 फीट पंक्तियों की और 2 से ढाई फीट पौधों के बीच दूरी होनी चाहिए. प्रति एकड़ पौधों की संख्या 3400 से 4500 तक हो सकती है. 1 एकड़ रकबे के लिए 400 ग्राम से लेकर 1.5 किलोग्राम तक बीज की आवश्यकता होती है. तरबूज उगाने के दौरान तरबूज को 400 से 600 मिमी तक पानी की जरूरत होती है.

मिट्टी की जरूरत के हिसाब से पानी की मात्रा अलग- अलग हो सकती है. जैसे चिकनी मिट्टी के लिए आमतौर पर रेतीली मिट्टी की तुलना में कम पानी की आवश्यकता होती है. इसके अलावा, वातावरण में ज्यादा नमी होने पर या बारिश के दिनों में सिंचाई की बिल्कुल भी आवश्यकता नहीं होती है. दूसरी ओर, बहुत ज्यादा तापमान वाले सूखा दिन होने पर रोजाना एक बार सिंचाई करने की जरूरत पड़ती है.

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Ajay Sehrawat
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मेरा नाम अजय सहरावत है. मीडिया जगत में पिछले 6 साल से काम कर रहा हूँ. बीते साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar डिजिटल न्यूज़ वेबसाइट के लिए बतौर कंटेंट राइटर के पद पर काम कर रहा हूँ.