नई दिल्ली | केंद्र की मोदी सरकार ने डोमेस्टिक नेचुरल गैस के दाम में वृद्धि करने की घोषणा कर दी है, जिसके बाद इसकी कीमत 25 सेंट बढ़कर 6.75 डॉलर प्रति मिलियन ब्रिटिश थर्मल यूनिट (mmBtu) हो गई है, जबकि मार्च में यह साढ़े 6 डॉलर प्रति mmBtu थी. बढ़ोतरी के इस फैसले के बाद पाइप्ड नैचुरल गैस (PNG) का उपयोग करने वाले घरों में खाना पकाना महंगा हो जाएगा. CNG वाहनों की रनिंग कॉस्ट में इजाफा हो सकता है. वहीं, सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूटर्स और फर्टिलाइजर्स मेकर पर भी इसका असर दिखाई देगा.
ओल्ड फील्ड्स से उत्पादित गैस की कीमत में दो साल में यह पहला संशोधन है. 2023 में भारत ने दो साल के लिए 6.50 डॉलर प्रति mmBtu की सीमा तय की है, जिसमें तीसरे वर्ष से 25 सेंट की वार्षिक बढ़ोतरी का प्रावधान है.
6 महीने में हुई बढ़ोतरी
ऑयल मिनिस्ट्री के पेट्रोलियम प्लानिंग एंड एनालिसिस सेल की वेबसाइट के अनुसार, भारत ने अप्रैल- सितंबर के लिए डिफिकल्ट फील्ड से उत्पादित गैस की अधिकतम कीमत 10.04 डॉलर प्रति mmBtu तय की है, जबकि पिछले 6 महीनों में यह 10.16 डॉलर प्रति mmBtu थी.
क्या होगा असर?
ग्रॉस हीट वैल्यू के आधार पर कीमतें लागू होगी. ऑयल फील्ड से उत्पादित गैस की ऊंची कीमतों से ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन और ऑयल इंडिया की इनकम में बढ़ोतरी होगी जबकि फर्टिलाइजर और सिटी गैस डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर में इंडस्ट्रियल बायर्स व कंपनियों के लिए कीमतों में इजाफा होगा.
