लंबे समय से खाली पड़े टीचिंग और नॉन टीचिंग पदों पर होगी भर्ती, हरियाणा सरकार ने मानी मांग

रोहतक | हरियाणा सरकार की तरफ से प्रदेश के सभी राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में भर्तियों पर लगी पाबंदी को अब हटा दिया गया है. इसी के साथ अब कम स्टाफ की परेशानी झेल रहे महाविद्यालयों को राहत मिल सकेगी. नई भर्तियां खुलने से शिक्षण संस्थाओं में नई शिक्षा नीति-2020 को लागू करने में सरलता होगी. चूंकि अभी तक कम स्टाफ की कमी को लेकर इन कालेजों में टाल-मटोल चल रही थी और शिक्षण का काम भी प्रभावित हो रहा था.

Techer Sikshak

प्रदेश में 97 राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय

मंगलवार को उच्चतर शिक्षा विभाग के निदेशक की तरफ से इस बारे में लेटर जारी कर पाबंदी हटाने के लिए सभी प्रधान, प्रबंधक समिति, राज्य में स्थित सभी राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय को सूचित करवा दिया है. हरियाणा में 97 राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय हैं. इन राजकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालय मेंसाल 2019 में अंतिम बार भर्तियां की गयी थी. इसके बाद से पद रिक्त होते ही चले गए और हालात लगातार खराब होते जा रहे हैं.

बीते 12 साल से नहीं हुई भर्ती

कुछ संस्थाओं में प्रशासक होने के बाद भी भर्तियां नहीं सिरे चढ़ पाई. हरियाणा में इन एडेड कालेज में 97 में से 38 पदों पर ही प्रिंसिपल तैनात हैं, बाकि पद रिक्त पड़े हैं, जबकि टीचिंग और नॉन टीचिंग के पदों को भरने के लिए नियमित प्रिंसीपल का होना अनिवार्य है. पूरे हरियाणा में 48 प्रतिशत पद रिक्त होने से व्यवस्था नहीं बन पाई है. बड़ी शिक्षण संस्थाओं की बात करें तो सिर्फ गौड़ ब्राह्मण डिग्री कालेज में पिछले 12 साल से कोई नई भर्ती नहीं हुई. वहीं 2014 में जाट कालेज रोहतक में भर्ती हुई थी.

करीबन 48 फ़ीसदी पद खाली

यहां पर 82 स्वीकृत पद हैं, इनमें से 43 शिक्षक तैनात हैं. इसी प्रकार से जाट शिक्षण संस्था के तीन कालेज यानि जाट कालेज, एमकेजेके और सीआर कालेज आफ एजुकेशन में प्रिंसीपल के पद भी रिक्त पड़े हैं.  प्रदेश में एडिड कालेजों में टीचिंग फैकल्टी के कुल पद 2872 हैं और लगभग 800 पद नोन टीचिंग के हैं. इनमें से 48 फीसदी पद खाली है.

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तीन साल से की जा रही डिमांड

तीन साल से हरियाणा एडेड कालेज टीचर एसोसिएशन और मैनेजिंग कमेटी दोनों की तरफ से संयुक्त मांग की गई थी. इस मामले में राज्यपाल, मुख्य मंत्री, शिक्षा मंत्री और उच्चतर शिक्षा विभाग के महानिदेशक से निरंतर संपर्क पर मांग उठाई जा रही थी. शिक्षकों का कहना था कि शिक्षा मंत्रालय ने नई शिक्षा नीति-2020 लागू कर दी है, मगर प्रिंसिपल, टीचिंग और नोन टीचिंग के पद खाली होने की वजह से शिक्षा व्यवस्था ठीक तरह से काम नहीं कर पा रही है. इसके साथ ही पॉलिसी को भी पूरी तरह से लागू नहीं किया जा रहा है.

शुरू हो सकेगी भर्ती प्रक्रिया

प्रधान, हरियाणा एडिड कालेज टीचर्स एसी. एवं एच फेक्टो महासचिव दयानन्द मलिक ने कहा कि राजकीय एडेड कालेजों में स्टाफ की की कमी को लेकर कई बार मांग उठाई गई, मगर कोई समाधान नहीं हो पाया. यह सबसे पुरानी लंबित मांग है. इसे लेकर राज्यपाल, मुख्यमंत्री और शिक्षामंत्री को भी ज्ञापन दिए गए, कई बार बैठकों में भी मुद्द उठाया गया. अंत में सरकार ने इस मांग को स्वीकार कर लिया है. अब इस निर्णय के बाद भर्ती प्रक्रिया शुरू हो पायेगी और नई शिक्षा नीति को लागू करने में सहायता मिलेगी.

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Deepika Bhardwaj
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मेरा नाम दीपिका भारद्वाज है. पिछले साढ़े 5 साल से Haryana E Khabar वेबसाइट पर राइटर का काम कर रही हूँ. मैं यहाँ हरियाणा व दिल्ली में निकली सरकारी और प्राइवेट नौकरी से जुड़ी जानकारी साझा कर रही हूँ.