UPSC क्रैक करने वाले हरियाणवियों की कहानी, सोशल मीडिया से किया परहेज; रोजाना 12 घंटे तक की पढ़ाई

चंडीगढ़ | संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) द्वारा देश की सबसे मुश्किल परीक्षा में से एक समझी जाने वाली सिविल सर्विस परीक्षा 2024 का फाइनल रिजल्ट घोषित कर दिया गया. इस रिजल्ट में हरियाणवी छाए रहे. यूपीएससी द्वारा जारी किए गए इस रिजल्ट में प्रदेश के 20 युवाओं ने बाजी मारी है. खास बात यह है कि देश भर में दूसरी रैंक पाने वाली हर्षिता गोयल हरियाणा के हिसार जिले से संबंध रखती हैं लेकिन उनकी परवरिश गुजरात में हुई है. वहीं, झज्जर के रहने वाले आदित्य विक्रम अग्रवाल ने ऑल इंडिया रैंक 9 प्राप्त किया.​ इनके अलावा कई युवाओं ने इन परीक्षाओं में सफलता प्राप्त की है.

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शिवानी पांचाल ने बचपन में खोया पिता को

इनमें से एक है सोनीपत जिले के गांव भोड़वाल माजरी की बेटी शिवानी पांचाल. उन्होंने पिछले साल ही HCS की परीक्षा पास की. उसके बाद साल भर के अंदर उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में 53वां रैंक हासिल किया. वर्ष 2024 में उन्होंने हरियाणा सिविल सर्विसेज की परीक्षा पास की थी और अब गुड़गांव में ट्रेनिंग कर रही है. फिलहाल वह डीसी झज्जर के साथ अटैच होकर अपना ट्रेनिंग पूरी कर रही है.​

शिवानी ने बताया कि जब वह मात्र 4 साल की थी तब उनके पिता की एक सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी. पिता की मृत्यु के बाद उनकी मां सविता जोकि एक आंगनवाड़ी वर्कर हैं, ने ही बेटी के सपनों को पूरा करने में हर संभव मदद की. शिवानी ने एचपीएससी और एसएससी की तैयारी के दौरान किसी प्रकार की कोचिंग नहीं ली और सेल्फ स्टडी के जरिए यह मुकाम हासिल किया.​

सोशल मीडिया से दूरी बनाकर कनिष्क ने पाई सफलता

कुछ इसी प्रकार की कहानी फरीदाबाद के कनिष्क की है. उन्होंने यूपीएससी की परीक्षा में 279 वां रैंक हासिल कर अपने सपनों को तो पूरा किया ही, साथ ही अपने परिवार का मान भी बढ़ाने का काम किया है. अब उनके घर बधाई देने वालों का तांता लगा हुआ है. कनिष्क की छोटी बहन एमबीबीएस की पढ़ाई कर रही है. उनके पिता इंजीनियर और माता गृहणी है. बेटे की इस सफलता पर अब पूरा परिवार काफी खुश है. माता-पिता ने बताया कि उन्हें बचपन से ही यकीन था कि उनका बेटा एक न एक दिन जरूर कामयाब होगा. शुरू से ही पढ़ने में होशियार कनिष्क की मेहनत और लगन को देखते हुए उन्हें भरोसा था कि उनका बेटा एक दिन जरूर कुछ ना कुछ बड़ा करके दिखाएगा.​

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कनिष्क ने बताया कि उनके पिता इंजीनियर हैं जिस कारण उनका समय-समय पर तबादला होता रहता था. उनकी शुरुआती पढ़ाई गुजरात से हुई है. उसके बाद उन्होंने अलग-अलग राज्यों से अपनी बाकी की पढ़ाई पूरी की. IIT के बाद उन्होंने यूपीएससी की तैयारी शुरू कर दी. उन्होंने अपनी पढ़ाई के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म यूट्यूब का सहारा लिया. इससे उन्होंने कई काफी चीज सीखी. वह सुबह से लेकर देर रात तक पढ़ाई पूरी करके सोते थे.​

हलवाई के बेटे अजय ने चौथे प्रयास में पाई सफलता

इसी प्रकार जींद जिले के गांव हसनपुर के अजय ने चौथे प्रयास में यूपीएससी की परीक्षा में 940वीं रैंक हासिल की. इनके पिता शमशेर हलवाई का काम करते हैं और माता राजबाला एक गृहणी है. बचपन से ही पढ़ने में होशियार रहे अजय अपनी इस सफलता का श्रेय अपने माता-पिता के साथ अपने अध्यापकों को देते हैं. अजय ने कहा कि वह अच्छी रैंक प्राप्त करने के लिए दोबारा से मेहनत करके परीक्षा देंगे.​

अजय के स्कूल की प्राचार्या रहीं ममता शर्मा ने जानकारी दी कि साल 2016 में अजय ने नीट की परीक्षा पास की. उसके बाद उन्होंने रोहतक पीजीआईएमएस से एमबीबीएस की पढ़ाई पूरी की. उसके बाद से ही वह यूपीएससी की तैयारी में लग गए थे. अजय ने अपने परिश्रम, लगन और समर्पण से अपने सपनों को उड़ान दी है. इससे ग्रामीण क्षेत्र में रहने वाले युवाओं को भी एक प्रेरणा मिलेगी.​

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Nisha Tanwar
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