अंबाला | मध्य प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान ये ऐसे राज्य हैं, जहां भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने नए मुख्यमंत्री चेहरे पेश कर सबको अचरज में डाल दिया. हरियाणा में भी पार्टी अध्यक्ष की कुर्सी का फैसला इसी के अनुरूप हो सकता है. इन सबके बीच अब सबकी नज़रें दिल्ली पर टिकी हैं, जहाँ से इस बारे में आदेश जारी होगा.
हरियाणा में भी पार्टी ने चौंकाने वाले फैसले दिए हैं. पहली बार मनोहर लाल खट्टर को बदलकर मुख्यमंत्री के चेहरे के तौर पर नायब सिंह सैनी को पेश किया गया, जिसके सकारात्मक परिणाम भी देखने को मिले.
चर्चा में यह नाम
अब प्रदेश में नए अध्यक्ष को लेकर भी कई तरह की चर्चाओं का बाजार गर्म है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मोहनलाल बड़ौली को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाया जा सकता है. इसके इतर भी फैसला लिया जा सकता है, क्योंकि सब कुछ आला कमान पर निर्भर करता है. मोहनलाल बड़ौली के अलावा निर्दलीय राज्यसभा सदस्य कार्तिकेय शर्मा और वरिष्ठ ब्राह्मण नेता विनोद शर्मा ने भी 2024 के चुनाव में ब्राह्मणों के वोट भाजपा के खाते में डालने में काफी पसीना बहाया है.
ऐसा माना जा रहा है कि इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी को ब्राह्मण मतदाताओं के करीब 51 फ़ीसदी वोट मिले थे. प्रदेश में ब्राह्मणों की संख्या करीब 52% है. बड़ौली को प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने से ब्राह्मणों का झुकाव भारतीय जनता पार्टी की तरफ बढ़ा है. टिकट वितरण में भी भारतीय जनता पार्टी द्वारा ब्राह्मणों को वरीयता दी गई थी.
संघ की राय भी हो सकती है अहम
मीडिया रिपोर्ट से मिली जानकारी के अनुसार, बड़ौली को दोबारा प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के फैसले में संघ की राय भी महत्वपूर्ण हो सकती है. मोहनलाल बड़ौली संघ से काफी लंबे समय से जुड़े रहे हैं. वह वर्तमान में राई से विधायक हैं. उन्हें मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के विश्वासपात्रों में शामिल माना जाता है. पार्टी कार्यकर्ताओं में भी वह काफी लोकप्रिय हैं. हालांकि, आने वाले दिनों में ही इस बात पर से पर्दा उठेगा कि पार्टी 15वीं बार इस जिम्मेदारी को किसे सौंपेगी.
