फतेहाबाद | हरियाणा सरकार (Haryana Govt) की प्रोत्साहन नीति की बदौलत आज सूबे के किसान परम्परागत खेती का मोह त्याग कर ऑर्गेनिक और बागवानी खेती को बढ़ावा दे रहे हैं, ताकि कम लागत में अधिक मुनाफा कमाया जा सकें. इसी कड़ी में टोहाना विधानसभा क्षेत्र के गांव बिढाई खेड़ा का किसान विनोद सहरावत बागवानी खेती से अपनी विशेष पहचान बनाकर अन्य किसानों के लिए प्रेरणा स्रोत बने हुए हैं.
नर्सरी के जरिए लाखों में कमाई
किसान विनोद सहरावत ने बताया कि उन्होंने करीब 70 एकड़ जमीन पर अमरूद का बाग लगाया हुआ है. उन्होंने अपनी माता शारदा के नाम से शारदा फ्रूट नर्सरी खोली हुई है, जहां प्रत्येक वर्ष 30 हजार से ज्यादा फलों के पौधे लगाकर अन्य किसानों को भी धान जैसी परम्परागत फसल को त्यागकर बाग लगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं. उन्होंने बताया कि इस नर्सरी के जरिए वह एक सीजन में 2 लाख रुपए तक मुनाफा कमा लेते हैं.
विनोद ने बताया कि उन्होंने नर्सरी में अमरूद के 20 हजार, किन्नू के 5 हजार, माल्टा 3 हजार और नींबू के 7 हजार से ज्यादा पौधे लगाए हुए हैं. उन्होंने जनवरी महीने में अमरूद के पौधे लगाए थे, जो अब मई में तैयार हो चुके हैं. इन पौधों को तैयार करने में 25 हजार रुपए खर्च आया हैं और एक पौधा 80 रुपए में बेचा जाता है.
सरकार की सब्सिडी का उठाएं लाभ
उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार द्वारा बागवानी योजना को प्रोत्साहन करने के उद्देश्य से किसानों को अमरूद के पौधे पर 75 रुपए प्रति पौधा और किन्नू पर 100 रुपए प्रति पौधा सब्सिडी दी जा रही है. खेत में डिग्गी बनवाने पर 90% सब्सिडी का लाभ मिलता है. ड्रिप सिंचाई व्यवस्था पर 80% सब्सिडी मिलती है.
विनोद सहरावत के पास नर्सरी में अमरूद के पौधे लेने पहुंचे एक किसान ने बताया कि प्रदेश सरकार की प्रोत्साहन नीति की बदौलत आज किसान बागवानी खेती को बढ़ावा दे रहे हैं. उन्होंने पिछले साल ढाई एकड़ जमीन पर अमरूद का बाग लगाकर 8 लाख से ज्यादा रुपए की कमाई की थी. अब 4 एकड़ जमीन पर और बाग लगाने की तैयारियां चल रही है.
