नई दिल्ली | किसानों से जुड़ी एक अच्छी खबर सामने आई है. केंद्रीय कृषि मंत्रालय ने राज्य सरकारों के सहयोग से 6 करोड़ से ज्यादा किसानों को किसान पहचान- पत्र (डिजिटल आईडी) प्रदान कर दी है. इस सूची में 14 राज्यों के किसान शामिल हैं और वित्त वर्ष 2027 तक 11 करोड़ किसानों को डिजिटल आईडी प्रदान करने की योजना बनाई गई है.
किसानों को मिलेंगे कई फायदे
सभी किसानों की डिजिटल आईडी को उनकी जमीन के रिकॉर्ड के साथ जोड़ा गया है. इस आईडी की मदद से पता लगाना आसान हो जाएगा कि किसान के पास कुल कितनी जमीन हैं और उसपर कौन सी फसल उगाई जाती है. डिजिटल आईडी की मदद से किसानों के लिए फसल का बीमा करवाना और लोन लेना भी आसान हो जाएगा. इसके अलावा, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि (पीएम किसान) योजना को भी डिजिटल आईडी से जोड़ा जाएगा.
अनिवार्य होगी डिजिटल आईडी
यह किसान पहचान- पत्र (डिजिटल आईडी) दिखने में बिल्कुल आधार कार्ड की तरह होंगे. पीएम किसान योजना का लाभ उठाने वाले किसानों को भी डिजिटल आईडी से लिंक करने के आदेश जारी किए गए हैं. साथ ही, पीएम किसान योजना के लिए नए आवेदन पर डिजिटल कार्ड को आनिवार्य बना दिया गया है.
क्या है सरकार की प्लानिंग?
एक अनुमान के मुताबिक, देश में किसानों की संख्या का आंकड़ा लगभग 14 करोड़ हैं. इनमें से करीब 40% किसान ऐसे हैं, जिनके पास खुद की जमीन नहीं हैं और वो दूसरों की जमीन पर खेती करते हैं. केंद्र सरकार ऐसे किसानों को डिजिटल आईडी प्रदान करके उन्हें कृषि की मुख्यधारा से जोड़ने की तैयारी कर रही है.
