हिसार | हरियाणा के हिसार जिले के डाबड़ा गांव के संजय कालीरावणा को हॉकी इंडिया की ‘ए’ टीम का कप्तान बनाया गया है. प्रदेश के वह दूसरे खिलाड़ी हैं, जिन्हें हॉकी में देश का प्रतिनिधित्व करने का मौका मिला है. इससे पहले पूर्व खेल मंत्री संदीप सिंह भारतीय टीम के कप्तान रह चुके हैं. लेकिन संजय की यह सफलता संघर्षों से भरी रही है.
एक समय ऐसा था जब उनके पास हॉकी स्टिक तक खरीदने के पैसे नहीं थे. उस वक्त उनके कोच राजेंद्र सिहाग ने उनकी प्रतिभा को पहचाना और उन्हें हॉकी स्टिक देकर मार्गदर्शन किया.
बचपन से शुरू किया हॉकी का सफर
संजय ने 2008 में हॉकी खेलना शुरू किया था जब वे अपने चाचा के बेटे के साथ अभ्यास करते थे. शुरुआती 3 साल उन्होंने गांव में ही खेल की बारीकियां सीखी. इसके बाद, वे चंडीगढ़ चले गए और 2011 में चंडीगढ़ हॉकी अकादमी में शामिल होकर अपने करियर की शुरुआत की. साल 2015 में पांचवीं सब- जूनियर हॉकी चैंपियनशिप के फाइनल में हैट्रिक बनाकर उन्होंने टीम को जीत दिलाई. 2017 में उन्होंने स्कूल एशिया कप में अंडर- 21 भारतीय टीम की कप्तानी की और फाइनल में जीत दर्ज की.
हिसार, हरियाणा के निवासी श्री संजय कालीरावणा जी को भारतीय हॉकी “ए” टीम का कप्तान बनाए जाने पर हार्दिक बधाई एवं शुभकामनाएँ।
वो युवा, जिन्होंने कभी हॉकी स्टिक तक उधार ली थी, आज देश का नेतृत्व कर रहे हैं। यह सफलता परिश्रम, संकल्प और हरियाणवी जज़्बे की प्रेरणादायक मिसाल है।
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— Kumari Selja (@Kumari_Selja) July 10, 2025
अर्जुन अवॉर्ड से भी हुए सम्मानित
संजय ने यूथ ओलंपिक 2018, एशियन गेम्स 2022, बार्सिलोना में हुए 2023 के चौथे नेशनल मेंस इनविटेशनल टूर्नामेंट और पेरिस ओलंपिक 2024 में भारत का प्रतिनिधित्व किया है. जुलाई 2025 में उन्हें हॉकी इंडिया की ‘ए’ टीम का कप्तान नियुक्त किया गया है. अब वह एशिया कप 2025 में भारतीय टीम की अगुवाई करेंगे. उनके शानदार प्रदर्शन के लिए भारत सरकार की ओर से उन्हें अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया जा चुका है.
