चंडीगढ़ | हरियाणा में बुजुर्गो के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. सरकारी पेंशनर्स तथा सामाजिक सुरक्षा के तहत पेंशन लेने वाले लाभार्थियों को अब सत्यापन के लिए बैंकों तथा सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे. इस समस्या से निजात दिलाने के लिए राज्य सरकार जल्द ही फेस ऐप्लिकेशन लांच करने जा रही है. इसके जरिए पेंशनर्स लाभार्थी अपना जीवन प्रमाण- पत्र (लाइफ सर्टिफिकेट) जमा करा सकेंगे. इस ऐप का परीक्षण अंतिम चरण में है.
पेंशनर्स की संख्या का आंकड़ा
राज्य में इस समय लगभग 22 लाख बुजुर्ग बुढ़ापा पेंशन का लाभ उठा रहे हैं. इसके अलावा, 8.88 लाख विधवाएं और 2.9 लाख दिव्यांग सामाजिक सुरक्षा पेंशन का लाभ उठा रहे हैं. इसके साथ ही बौने, किन्नरों, निराश्रित बच्चों और दुर्लभ बीमारियों से ग्रस्त रोगियों को भी सहायता राशि का लाभ दिया जा रहा है.
पहले चरण में इन जिलों में होगी शुरुआत
प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि पायलट प्रोजेक्ट के रूप में अगले महीने दो जिले अंबाला और पंचकूला में इस ऐप्लिकेशन को लांच किया जाएगा. फिर इसे बाकी जिलों में लांच किया जाएगा. इसके पूरी तरह से लागू होने पर प्रदेश भर से 36 लाख से ज्यादा लोग लाभान्वित होंगे.
फेस ऐप्लिकेशन को लांच करने की सबसे बड़ी और पहली वजह यह है कि विभागों में इसके जरिए रिकॉर्ड अपडेट हो सकेगा. वर्तमान में ज्यादातर विभागों का डेटा आनलाइन हो रहा है. ऐसे में सरकार चाह रही है कि इस साल के आखिर तक सभी विभागों का डेटा अपडेट करने के साथ ही मृत लोगों का डेटा भी अपडेट हो जाए.
कई जगह से गड़बड़झाले की शिकायत
अभी कई विभागों में ऐसे लोगों के नाम दर्ज हैं, जिनकी मौत हो चुकी है, लेकिन उनके नाम से परिवार के अन्य लोग पेंशन राशि का लाभ उठा रहे हैं. ऐसे में फेस ऐप्लिकेशन लांच होने पर डाटा अपडेट हो जाएगा और सूची से मृतकों के नाम हटाना आसान हो जाएगा.
