हिसार | हरियाणा के हिसार स्थित महाराजा अग्रसेन हवाई अड्डे से अब खराब मौसम में भी उड़ानें संभव हो पाएंगी. इसे लेकर प्रदेश सरकार के सिविल एविएशन डिपार्टमेंट ने अभी से तैयारी शुरू कर दी है और एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया को पत्र लिखा है, जिसमें पुराने विजुअल फ्लाइट रूल्स (VFR) को इंस्ट्रूमेंट फ्लाइट रूल्स (IFR) में तब्दील करने की डिमांड की गई है.
इसलिए कारगर है नई तकनीक
यदि ऐसा हो जाता है, तो उसके बाद पायलट खराब मौसम या कम दृश्यता की परिस्थितियों में भी उड़ान भर सकेंगे. इस तकनीक के बदलने से पायलट बाहरी दृश्य संकेत पर बिना भरोसा किए सरलता से उड़ान भर पाएंगे. ऐसा इसलिए क्योंकि पुराने VFR तकनीक में पायलट को बाहरी संकेतों पर निर्भर रहना पड़ता था और कम विजिबिलिटी में परेशानी होती थी.
पुरानी तकनीक केवल अच्छे मौसम में ही कारगर होती थी लेकिन धुंध, आंधी या अंधेरे में पायलट के लिए संकेतों को देखना मुश्किल हो जाता था. इसलिए भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए एयरपोर्ट प्रशासन ने पहले से तैयारी शुरू कर दी है.
नाइट लैंडिंग को लेकर दस्तावेजी प्रक्रिया जारी
इस बारे में जानकारी देते हुए हिसार एयरपोर्ट पर डीजीसीए के ऑपरेशनल डायरेक्टर प्रशांत फुलमरे ने बताया कि अभी यहां से नाइट लैंडिंग की सुविधा में कुछ समय लग सकता है क्योंकि इसके लिए डॉक्यूमेंटेशन की प्रक्रिया चल रही है. सब काम पूरा हो जाने के बाद 1400 मीटर तक की दृश्यता सीमा में भी पायलट उड़ान भर सकेंगे.
बता दें कि नवंबर से फरवरी तक हरियाणा में विजिबिलिटी काफी कम रहती है, जो कई बार 0 तक पहुंच जाती है. दिसंबर और जनवरी में भी धुंध और कोहरे के चलते यह समस्या बनी रहती है. इसका असर फ्लाइट सेवाओं पर पड़ता है.
