चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार की तरफ फिर से सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले बच्चों को पढ़ाई के लिए टैबलेट दिए गए थे. पांच लाख से अधिक टैब का अब मल्टीपल इस्तेमाल किया जाएगा. टैब बंद नहीं होगा. अब टैब से सैट (स्कोलास्टिक असेसमेंट टेस्ट), मैथ ओलंपियाड के अतिरिक्त शैक्षणिक वीडियो अपलोड कर चलाने की तैयारी हो रही है.
मनोहर लाल के कार्यकाल में खरीदे गए थे टैब
बुधवार को रिव्यू बैठक हुई, जिस दौरान टैब मामला सीएम नायब सिंह सैनी के सामने पहुंचा. सीएम का कहना है कि इन टैब का ज्यादा से ज्यादा इस्तेमाल किया जाएगा. शिक्षा विभाग के अधिकारी इनके इस्तेमाल की प्लानिंग करेंगे. ये टैब पूर्व सीएम मनोहर लाल के कार्यकाल में खरीदे गए थे. इन टैबस की कीमत 700 करोड़ रुपए है. ये टैब अभी विद्यार्थियों के पास हैं. कोरोना काल में खरीदे गए टैब से 9 लाख विद्यार्थी पढ़ाई कर चुके हैं. इनमें जिस कंपनी के सिम डाले गए थे, उसकी टाइम लिमिट भी मई में समाप्त हो चुकी है.
शैक्षणिक सत्र 2025- 26 में नहीं हुआ इस्तेमाल
इन टैब को लेकर निरंतर सवाल भी खड़े रहे हैं. ऐसा इसलिए क्योंकि भारी संख्या में विद्यार्थियों ने टैब के लॉक तुड़वा दिए थे और कई स्थान से इनके दुरुपयोग की शिकायतें आई थी. टैब के माध्यम से विद्यार्थियों को ऑनलाइन पढ़ाई कराई जाती थी. शैक्षणिक सत्र 2025- 26 में इनका उपयोग नहीं किया जा सका.
विपक्ष ने भी टैब को लेकर घेरी प्रदेश सरकार
इसे लेकर शिक्षा विभाग ने फाइल तैयार कर सरकार को भेजी थी व पूछा था कि इन टैब को कैसे चलाया जा सकता है. इसके साथ ही, सिम कार्ड डालकर, स्कूलों में लगे इंटरनेट के माध्यम से इनको चला सकते हैं या नहीं. अब सीएम के निर्देश के बाद शिक्षा विभाग नई योजना बनाएगा. अभी शिक्षा विभाग को सीएमओ के निर्देश मिलना बाकी है.
बजट को लेकर भी सरकार को फैसला लेना है. विपक्षी दलों ने टैब को लेकर बीते दिनों सरकार को घेरा था और विधानसभा के मानसून सेशन में मामले को उठाने का फैसला लिया गया था, ताकि ये टैब केवल खिलौना बनकर न रहे और वास्तव में ही बच्चों की पढ़ाई में मदद करें.
