चंडीगढ़ | हरियाणा में बड़े पैमाने पर कॉमन एलिजिबिलिटी टेस्ट (CET) का आयोजन करवाया गया था. इसमें लाखों युवाओं ने हिस्सा लिया था. परीक्षा के बाद अभ्यर्थियों द्वारा रिजल्ट का इंतजार किया जा रहा है. हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग के अध्यक्ष हिम्मत सिंह ने कहा था कि अगस्त के आखिरी तक परीक्षा परिणाम घोषित कर दिया जाएगा, लेकिन अभी तक करेक्शन पोर्टल ओपन नहीं किया गया है, जिससे अब यह माना जा रहा है कि परीक्षा परिणाम में भी देरी हो सकती है.
नॉर्मलाइजेशन फॉर्मूले पर विवाद
आयोग द्वारा यह भी कहा गया था कि परीक्षा परिणाम में नॉर्मलाइजेशन का फार्मूला लागू किया जाएगा, लेकिन अब यह मामला भी खटाई में पड़ता दिखाई दे रहा है. इसको लेकर एक नया विवाद खड़ा हो चुका है. नॉर्मलाइजेशन के मुद्दे को लेकर रोहतक के पवन कुमार ने पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की है. उम्मीदवारों का कहना है कि नॉर्मलाइजेशन फार्मूले के बाद कई अभ्यर्थियों के परिणामों पर फर्क पड़ेगा, जिससे कई अभ्यर्थियों के साथ अन्याय हो सकता है.
हाईकोर्ट में होगी सुनवाई
इसे गंभीर श्रेणी में मानते हुए हाईकोर्ट ने अर्जेंट कैटेगरी में सुनवाई के लिए 29 अगस्त को लिस्टेड किया था. आज इस मामले पर जस्टिस संदीप मोदगिल की अदालत में सुनवाई होगी. यह मामला लाखों युवाओं से जुड़ा होने के चलते काफी अहम माना जा रहा है.
नॉर्मलाइजेशन का विरोध इसलिए भी हो रहा है क्योंकि कई उम्मीदवारों का मानना है कि इससे उनके अंकों में भेदभाव हो सकता है. अलग- अलग शिफ्ट में एग्जाम होने के कारण कठिनाई स्तर में अंतर है, जिसके चलते अगर नॉर्मलाइजेशन होगा तो कुछ अभ्यर्थियों के अंक काटे जा सकते हैं, वहीं कुछ के अंक बढ़ भी सकते हैं.
