सोनीपत | इंटरनेशनल कुश्ती प्लेयर और ओलंपिक पदक विजेता रवि दहिया ने अपने वैवाहिक जीवन की नई शुरुआत कर दी है. 30 नवंबर यानि कल वह अपने गांव नाहरी से बारात लेकर गांव बिलबिलान पहुंचे, जहां उन्होंने अपनी होने वाली दुल्हन रिचा के साथ 7 फेरे लिए. बिना दान- दहेज और मात्र 1 रूपए की रस्म के साथ हुई यह शादी समाज के लिए एक सकारात्मक संदेश छोड़ गई.
रवि दहिया की शादी में कई इंटरनेशनल और नेशनल खिलाड़ी पहुंचे थे. हर कोई रवि दहिया के साथ फोटो खिंचवाते नजर आए. बारातियों का उत्साह ऐसा था कि हर कोई इन यादगार पलों को कैमरे में कैद करने में जुटा रहा. दूल्हा रवि अपनी सामान्य और शर्मिली मुस्कान के साथ सभी से मिलते रहे. वहीं, दुल्हन के पिता रजनीश ने बताया कि उन्होंने रवि को बहुत बार कुश्ती खेलते हुए देखा था, लेकिन कभी कल्पना नहीं की थी कि यही पहलवान एक दिन उनके दामाद बनेंगे.
एक नई पारी की शुरुआत
रवि दहिया ने कहा कि विवाह का दिन उनके लिए बेहद खास है. परिजनों और दोस्तों के साथ होने से विवाह की खुशियां और बढ़ जाती है. मात्र 1 रूपए में शादी की रस्मों को पूरा करने के सवाल पर उन्होंने कहा कि मैं ऐसा करने वाला पहला व्यक्ति नहीं हूं. यह परंपरा पहले भी कई लोगों द्वारा निभाई जाती रही है. एक पिता अपनी बेटी दे देता है तो उससे बड़ा दहेज कुछ नहीं होता है.
उन्होंने बिना दान- दहेज शादी कर समाज को सकारात्मक संदेश दिया है. दहेज प्रथा जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए सामूहिक सहयोग करना सबसे ज्यादा महत्वपूर्ण है. रवि दहिया के पिता ने कहा कि उन्होंने पहले ही निश्चय कर लिया था कि बिना दहेज के शादी करेंगे.
एक ही तारीख, 2 यादें
30 नवंबर का दिन रिचा के परिवार के लिए दो तरीके से यादगार बन गया है. इसी दिन रिचा की पहलवान रवि दहिया से शादी हुई है और इसी तारीख पर सालों पहले उसके माता- पिता ने विवाह किया था. यह संयोग इस शादी को और भी दिलचस्प और यादगार बनाता है.
