चंडीगढ़ | लंबे इंतजार के बाद हरियाणा सरकार ने टीचर ट्रांसफर पॉलिसी जारी कर दी है. इसका शेड्यूल भी जल्द जारी होगा. 8 दिसंबर से ट्रांसफर की प्रक्रिया शुरू हो सकती है. सरकार ने वर्ष 2023 में बनाई पॉलिसी को रद्द कर दिया है. उससे एक बार भी ट्रांसफर नहीं हुए. 2022 में ट्रांसफर हुए थे. अब 4 साल बाद 2026 में शिक्षकों को ट्रांसफर का मौका मिलने जा रहा है.
हरियाणा स्कूल शिक्षा विभाग ने शिक्षकों के लिए नई शिक्षक स्थानांतरण नीति 2025 लागू कर उसे अपनी अधिकारिक वेबसाइट पर अपलोड कर दिया है. नई नीति के तहत, अब एक स्कूल में पांच साल या एक ब्लॉक में 15 साल का कार्यकाल पूरा करने वाले शिक्षकों को अनिवार्य रूप से ट्रांसफर ड्राइव में भाग लेना होगा. शिक्षक 1 स्कूल में 1 साल का कार्यकाल पूरा करने के बाद अपनी इच्छा अनुसार ट्रांसफर के लिए आवेदन कर सकते है.
केवल इनका नहीं होगा तबादला
वह टीचर जो ट्रांसफर ऑर्डर बनाने के समय प्रकाशित हुई क्वालिफाइंग तारीख से 12 महीने के अंदर रिटायर होगा, उसका ट्रांसफर नहीं होगा. इसी प्रकार जिसका कैंसर का इलाज चल रहा हो या डायलिसिस हो रहा हो या जिसकी बाईपास हार्ट सर्जरी हुई हो या जिसका ऑर्गन ट्रांसप्लांट हुआ है, वे भी ड्राइव के दायरे में नहीं आएंगे. जिनकी विकलांगता 70% से ज्यादा है और वह विधवा, जिसका सबसे छोटा बच्चा 10 साल का है, तो उनका भी ट्रांसफर नहीं किया जाएगा.
प्राथमिकता के लिए 80 स्कोर तय
शिक्षा विभाग ने ट्रांसफर में प्राथमिकता के लिए 80 स्कोर तय किया है. अगर किसी एक ही जगह पर कई आवेदन करते है, तो सबसे ज्यादा स्कोर वाले शिक्षक को संबंधित जगह पोस्टिंग दी जाएगी. विभाग की ओर से कपल केस में केवल एक कर्मचारी को 5 अतिरिक्त अंक दिए जाएंगे. इसमें पति- पत्नी के स्टेशनों की दूरी का नियम हटा दिया है. वह टीचर कहीं भी जा सकेगा. सबसे ज्यादा 60 अंक उम्र के होंगे. अगर टीचरों के बीच बराबर नंबर हो, तो चुने गए यूनिट को ऐसे टीचरों को देने के लिए भी प्रावधान किया गया है. इसमें प्राथमिकता ज्यादा आयु वाले को मिलेगी.
