गुरुग्राम | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली और NCR क्षेत्र में ट्रैफिक संचालन को सुगम बनाने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में दिल्ली AIIMS से गुरुग्राम वाया महिपालपुर एक्सप्रेसवे के निर्माण की तैयारियां शुरू हो गई है. इस एक्सप्रेसवे को बनाने के लिए आरसीटी नामक कंपनी को डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (DPR) तैयार करने का जिम्मा सौंपा गया है.
यह कंपनी लगभग दो महीने में अपनी रिपोर्ट सौंपेगी जिसके आधार पर तय होगा कि एक्सप्रेसवे कहां तक भूमिगत और कहां एलिवेटेड बनेगा. इसके बाद, एक्सप्रेसवे निर्माण की तैयारियां शुरू हो जाएगी.
मात्र 30 मिनट में पूरा होगा 2 घंटे का सफर
इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद लगभग 30 मिनट में लोग एम्स से गुरुग्राम- फरीदाबाद रोड पर पहुंच जाएंगे. अभी लगभग 2 घंटे का समय लगता है. वर्तमान में एम्स से गुरुग्राम के सिरहौल बार्डर तक दूरी तय करने में लगभग 2 घंटे का समय लगता है. यह प्रोजेक्ट वाहन चालकों को बड़े स्तर पर राहत पहुंचाने का काम करेगा.
दिल्ली- गुरुग्राम के बीच सड़क कनेक्टिविटी को और ज्यादा बेहतर बनाने के उद्देश्य से केंद्र सरकार ने दिल्ली एम्स से गुरुग्राम वाया महिपालपुर होते हुए लगभग 30 किलोमीटर लंबा नया एक्सप्रेसवे बनाने की योजना बनाई है, ताकि ट्रैफिक संचालन को सुगम बनाया जा सके.
5 हजार करोड़ रुपए का प्रोजेक्ट
इस एक्सप्रेसवे को गुरुग्राम में गांव घाटा के पास गुरुग्राम- फरीदाबाद रोड से कनेक्ट किया जाएगा. फिजिबिलिटी रिपोर्ट के आधार पर इस एक्सप्रेसवे का निर्माण किया जा सकता है. इसे देखते हुए नेशनल हाईवे ऑथोरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने डीपीआर तैयार करने का जिम्मा इंटरनेशनल लेवल की कंसल्टेंट कंपनी को सौंपा है. इस प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 5 हजार करोड़ रुपए आंकी जा रही है.
