सिरसा | देशभर में सड़क नेटवर्क का बुनियादी ढांचा मजबूत करने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में पंजाब के जालंधर से वाया हरियाणा के सिरसा होते हुए राजस्थान के चुरू तक एक नया हाइवे बनाया जाएगा. इसको लेकर केंद्र सरकार ने अधिसूचना जारी कर दी है. यह हाइवे जालंधर, मोगा, बधनी, बरनाला, हंडिया, मानसा, झनीर, सरदूलगढ़, सिरसा से होते हुए वाया नोहर होकर चुरू तक जाएगा.
सिरसा से चुरु तक इस हाइवे की कुल लंबाई 177 किलोमीटर रहेगी. इसमें 34 किलोमीटर हिस्सा हरियाणा में जबकि 143 किलोमीटर लंबा हिस्सा राजस्थान में है. अप्रैल 2016 में इस योजना को लेकर एक पहल की गई थी और पिछले साल एक निजी कंपनी की ओर से निर्माण संबंधी सर्वे करवाया गया था. ऐसे में जालंधर से चुरू तक कुल 437 किलोमीटर लंबे फोरलेन हाइवे का निर्माण किया जाएगा.
धार्मिक स्थलों का सफर होगा आरामदायक
इस सड़क मार्ग के निर्माण से पंजाब, हरियाणा और राजस्थान के बीच सफर और ज्यादा आरामदायक हो जाएगा. पंजाब के जालंधर, बरनाला, मानसा जैसे इलाके सीधे राजस्थान की राजधानी जयपुर से जुड़ जाएंगे. इस हाइवे के बनने से सालासर धाम और खाटूश्याम धाम जाने वाली यात्रियों को भी राहत मिलेगी. श्रद्धालुओं को एक और नई सड़क की सौगात मिलेगी जिससे उनका सफर पहले से आरामदायक हो जाएगा.
इस हाइवे के निर्माण के लिए केंद्र सरकार ने दोनों राज्यों की सरकारों से अनापत्ति मांगी है. इसके बनने से पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश की कनैक्टिविटी दक्षिण भारत तक हो जाएगी, जिसका सबसे बड़ा लाभ चुरू संसदीय क्षेत्र को मिलेगा.
हजारों लोगों को होगा फायदा
यह हाईवे सिरसा से राजस्थान की ओर फेफाना, नोहर, तारानगर और चूरू होते हुए NH- 65 से जुड़ेगा. भारत सरकार ने इस हाईवे के निर्माण की मंजूरी भी दे दी हैं. इस संबंध में केंद्र सरकार की ओर से पत्र भी जारी कर दिया गया है. इस हाइवे का निर्माण होने के बाद सिरसा के उन हजारों लोगों को फायदा होगा, जो राजस्थान के सालासर धाम या जयपुर तक आवाजाही करते हैं.
