जींद । जींद जिले के सफीदों शहर से बैंक आफ बड़ौदा द्वारा एक अजीबोगरीब वाक्या सामने आया है. दरअसल यहां पहले तो एक किसान को 10-10 रुपए के 17 हजार रुपए के सिक्के थमा दिए और जब किसान वापिस जमा करवाने आया तो बैंककर्मी आनाकानी करने लगे. पीड़ित किसान ने जिला प्रशासन व बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक अधिकारियों को मामले की शिक़ायत देकर उनकी समस्या का समाधान करवाने की अपील की है.
दरअसल पूरा मामला यूं है कि गांव मलार निवासी वजीर की फसल की करीब एक लाख रुपए की राशि इस बैंक में आई थी. जब वह बैंक ऑफ बड़ौदा बैंक से पैसे लेने गया तो बैंककर्मियों ने उसे 17000 रुपए के 10-10 के सिक्के थमा दिए. जब उसने ये सिक्के लेने से मना किया तो अधिकारियों ने आश्वासन देते हुए कहा कि अभी आप इन्हें ले जाइए, अगर इन्हें कोई नहीं लें तो आप वापिस आकर जमा करवा देना.
पीड़ित किसान ने बताया कि लाख कोशिशों के बावजूद भी जब इतने सिक्के किसी ने नहीं लिये तो वह वापिस बैंक में देने आ गया. यहां आने पर बैंककर्मी आनाकानी करते हुए कहने लगे कि इतने सिक्के वह एक साथ जमा नहीं कर सकते, आपको हर रोज 1000 रुपए के सिक्के बैंक में जमा करवाने आना होगा.
इस पर पीड़ित किसान ने कहा कि कोरोना व लॉकडाउन लागू होने के चलते वह लगातार 17 दिन तो बैंक नहीं पहुंच सकता. पीड़ित किसान ने बताया कि इस मामले को लेकर बैंक में किसी ने उनकी सुनवाई नहीं की. इसलिए अब उसने जिला प्रशासन व बैंक के उच्च अधिकारियों के पास शिकायत दर्ज करवाई है.
