चंडीगढ़ | हरियाणा में फार्मासिस्टों के लिए एक राहत भरी खबर सामने आई है. जिन D Pharmacy फार्मासिस्टों की रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट की वैधता 31 दिसंबर 2025 तक थी, उसको बढ़ाकर अगले साल 31 दिसंबर तक कर दिया गया है. फार्मेसी एग्जिट एग्जामिनेशन आयोजित नहीं होने के चलते यह फैसला लिया गया है. संबंधित अभ्यर्थियों के रिकॉर्ड ऑनलाइन माध्यम से अपडेट किए जाएंगे. वहीं, बढ़ी हुई वैधता वाले प्रमाणपत्र नियत समय पर जारी किए जाएंगे. हरियाणा स्टेट फार्मेसी परिषद की ओर से इस संबंध में एक पत्र जारी किया गया है.
एग्जाम हुआ अनिवार्य
हरियाणा सहित देशभर में D Pharmacy करने वाले स्टूडेंट्स के लिए फार्मेसी एग्जिट एग्जामिनेशन देना अनिवार्य किया गया है ताकि वे रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट बन सके. इस परीक्षा का आयोजन NBEMS द्वारा किया जाता है, जिसमें स्टूडेंट्स को फार्मासिस्ट के रूप में रजिस्ट्रेशन के लिए इसे पास करना जरूरी होता है. खासकर 2022- 23 के शैक्षणिक सत्र से एडमिशन लेने वाले स्टूडेंट्स के लिए यह बेहद जरूरी किया गया है.
हाल ही में D Pharmacy स्टूडेंट्स के रजिस्ट्रेशन के रूप में एग्जिट एग्जाम की अनिवार्यता अस्थाई रूप से हटाई गई है, जब तक इसका आयोजन नहीं हो जाता, तब तक रजिस्ट्रेशन की अनुमति रहेगी पर यह फिर से लागू होगी. बता दें कि हरियाणा सरकार ने फार्मासिस्ट का पदनाम बदलकर ‘फार्मेसी अधिकारी’ कर दिया है. प्रदेश में रजिस्टर्ड फार्मासिस्ट की बात करें तो इनकी संख्या का वर्तमान आंकड़ा 65 हजार है.
रजिस्ट्रेशन के नियम
- D Pharma की डिग्री होनी आवश्यक.
- 500 घंटे की ट्रेनिंग अनिवार्य.
- 10+2 (साइंस स्ट्रीम) होना जरूरी.
- हायर एजूकेशन में हिंदी- संस्कृत में से एक विषय अनिवार्य.
- राज्य फार्मेसी काउंसिल में आवेदन करना जरूरी.
