चंडीगढ़ | हरियाणा में पंचायती जमीन पर कब्जा जमाए बैठे लोगों के लिए एक राहत भरी खबर है. बता दें कि प्रदेश सरकार ने ऐसे कब्जाधारियों को मालिकाना हक देने के लिए एक योजना शुरू की हैं, जिन्होंने 2004 से पहले पंचायत की जमीन पर कब्जा किया हुआ है. ऐसे लोगों को मालिकाना हक के लिए 15 जनवरी तक आवेदन करना होगा.
बता दें कि हरियाणा सरकार इस योजना के जरिए इन कब्जाधारियों को जमीन बेचना चाहती है, सिवाय उस जमीन के जिस पर गांवों के रास्तों और तालाबों पर अवैध निर्माण किया गया है. ऐसे लोगों को इस योजना का लाभ नहीं मिलेगा.
इन शर्तों को करना होगा पूरा
- कब्जाधारियों को आवेदन में यह बताना होगा कि उसने 2004 से पहले घर का निर्माण किया था. साथ ही, यह भी बताना होगा कि 75 फीसदी जमीन पर निर्माण किया गया है.
- यदि 2004 से पहले बिजली का मीटर लगा है तो उसका बिल भी जमा कराना होगा.
- पंचायत और ग्राम सभा का एक प्रस्ताव भी जमा करना होगा जो इस बात की पुष्टि करे कि कब्जा करने वाले का निर्माण 2004 से पहले किया गया था.
- आवेदन के साथ, 2004 के जमीन के कलेक्टर रेट और मौजूदा कलेक्टर रेट भी जमा करने होंगे.
ऐसे मिलेगा हरियाणा में मालिकाना हक
जमीन मालिकाना हक योजना के तहत प्रदेश सरकार अब उन लोगों को कानूनी मालिक बना रही है, जिन्होंने पंचायती जमीन पर अवैध निर्माण किया है. ऐसे लोगों को अपने आवेदन की फाइल खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी के ऑफिस में जमा करानी होगी. इसके लिए 15 जनवरी 2026 आखिरी तारीख रहेगी.
राज्य सरकार द्वारा इन अवैध निर्माण करने वालों के दस्तावेज़ों को 2004 से पहले की सैटेलाइट तस्वीरों और गांव के नक्शे से तुलना करके वेरिफाई किया जाएगा. इसके बाद अवैध कब्जाधारियों को 2004 के सर्किल रेट का डेढ़ गुना भुगतान करने पर जमीन का मालिकाना हक दे दिया जाएगा.
