सोनीपत | राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली से हरियाणा के बीच सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी को आरामदायक और सुपरफास्ट बनाने की दिशा में निरंतर नए प्रयास किए जा रहे हैं. इसी कड़ी में रैपिड मेट्रो व रीजनल रैपिड ट्रांजिट सिस्टम (RRTS) जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर तेजी से काम शुरू हो चुका है. मंगलवार को चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी ने हरियाणा मेट्रो रेल कॉरपोरेशन के प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की.
हरियाणा सरकार ने जताई सहमति
चीफ सेक्रेटरी अनुराग रस्तोगी ने बताया कि दिल्ली के नरेला से सोनीपत के कुंडली तक मेट्रो विस्तार को सैद्धांतिक मंजूरी मिल चुकी है और हरियाणा सरकार ने इस प्रोजेक्ट के लिए जमीन उपलब्ध कराने पर सहमति जताई है. साथ ही, सरकार द्वारा संयुक्त संपत्ति विकास में भी भागीदारी की जाएगी. इससे दिल्ली मेट्रो के चौथे चरण के विस्तार के तहत एनसीआर क्षेत्र में शामिल शहरों के लोगों को सार्वजनिक परिवहन कनेक्टिविटी के रूप में तेज गति का विकल्प मिलेगा.
उन्होंने बताया कि आगामी प्रोजेक्ट्स में सेक्टर- 56, गुरुग्राम से पंचगांव कॉरिडोर प्रमुख रूप से शामिल हैं. प्रदेश सरकार की ओर से इस प्रोजेक्ट के लिए वित्तपोषण की मंजूरी मिल चुकी है. लगभग 35 किलोमीटर लंबे इस मेट्रो कॉरिडोर पर 28 एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित है. यह नई मेट्रो लाइन गुरुग्राम के कई रिहायशी इलाकों और औद्योगिक क्षेत्र को जोड़ने का काम करेगी.
यह मेट्रो लाइन सेक्टर- 56 में रैपिड मेट्रो स्टेशन के पास से शुरू होकर पंचगांव में खत्म होगी. इस रूट पर सेक्टर- 61, सेक्टर- 66, वाटिका चौक, खेड़की दौला, सेक्टर- 88, M- 14, और P- 7 जैसे महत्वपूर्ण स्टेशन भी शामिल हैं.
बल्लभगढ़ से पलवल के बीच चलेगी मेट्रो
चीफ सेक्रेटरी ने बताया कि लगभग 30 किलोमीटर लंबे बल्लभगढ़- पलवल रूट पर 18 एलिवेटेड स्टेशन प्रस्तावित है. इसके माध्यम से दक्षिण हरियाणा मास रैपिड ट्रांजिट का विस्तार होगा. इस प्रोजेक्ट की व्यवहार्यता और वैकल्पिक विश्लेषण रिपोर्ट तैयार कर ली गई है. इसे प्रस्तावित नमो भारत कॉरिडोर के साथ संरेखित करने के प्रयास किए जा रहे हैं ताकि राइडरशिप, नेटवर्क इंटीग्रेशन और दीर्घकालिक स्थिरता को बढ़ाया जा सके.
