चंडीगढ़ | हरियाणा पुलिस की कमान एक बार फिर राज्य मूल के IPS के हाथों में आ गई है. डीजीपी ओपी सिंह के बुधवार को रिटायर होने के बाद सरकार ने रेवाड़ी के मूल निवासी 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी अजय सिंघल को नया डीजीपी नियुक्त किया है. यूपीएससी के पैनल में शामिल 3 नामों में से सरकार ने सिंघल के नाम पर मुहर लगाई. वे गुरुवार को कार्यभार ग्रहण करेंगे.
अजय सिंघल का कार्यकाल दो साल रहेगा. वे दिसंबर 2027 तक पद पर रहेंगे. उनका रिटायरमेंट 31 अक्टूबर 2028 को है. हरियाणा मूल का आईपीएस अधिकारी करीब 7 साल बाद डीजीपी बना है. इससे पहले अंबाला निवासी बीएस संधू जनवरी 2019 में डीजीपी पद से रिटायर हुए थे. सरकार के फैसले में सोनियॉरिटी, स्थिर नेतृत्व और विवादों से दूर छवि को अहम माना जा रहा है. सूत्रों के मुताबिक, मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की पसंद का भी पूरा ध्यान रखा गया है.
हरियाणा मूल के IPS अधिकारी
UPSC से सरकार को 3 नामों का पैनल मिला था. इसमें 1990 बैच के शत्रुजीत सिंह कपूर, 1992 बैच के अजय सिंघल और 1993 बैच के आलोक मित्तल शामिल थे. कपूर सबसे सीनियर थे, लेकिन आईजी वाई पुरन कुमार सुसाइड केस के बाद उन्हें डीजीपी पद से हटाया गया था. उन्हें दोबारा डीजीपी नहीं बनाना था. मुकाबला सिंघल व मित्तल के बीच था. प्रदेश सरकार ने सीनियरिटी पर जोर रखा. वहीं, सिंघल सीएम नायब सैनी की पहली पसंद बताएं जा रहें हैं और संघ के काफी करीबी माने जाते हैं.
क्या रहेगी रणनीति?
हरियाणा के नए डीजीपी नियुक्त हुए अजय सिंघल ने कहा कि अपराध के हॉट स्पॉट चिह्नित कर विशेष कार्रवाई होगी और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी. टेक्नोलॉजी का ज्यादा इस्तेमाल होगा. DIAL- 112 को और प्रभावी बनाएंगे. एसएचओ से लेकर एसपी तक के लिए एसओपी तय की जाएगी. अपराध के मामले में सख्ती होगी. किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा. उन्होंने कहा कि अपने प्रदेश में डीजीपी बनना गर्व की बात है और पूरी ईमानदारी से इस जिम्मेदारी को निभाया जाएगा.
