चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने पेपरलेस रजिस्ट्री प्रक्रिया में कुछ परिवर्तन किए है. दरअसल, सरकार ने नवंबर महीने में पेपरलेस रजिस्ट्री को लागू किया किया था. उसके बाद से ही टोकन नंबर जारी न होने की समस्या बनी हुई थी. इसके लिए NIC साहित अन्य टीमों ने इस समस्या से निजात पाने के लिए सॉफ्टवेयर के यूनिक नंबर के अनुसार ही रजिस्ट्री कराने का फैसला किया है.

हरियाणा में पेपरलेस रजिस्ट्री
अब रजिस्ट्री में फोटो आदि कराने के लिए अलग से किसी टोकन नंबर की आवश्यकता नहीं होगी. व्यक्ति को आवेदन के समय जो फाइल नंबर मिलेगा, वही टोकन नंबर के आधार पर कार्य करेगा. पेपरलेस रजिस्ट्री को तेज करने के लिए राजस्व विभाग के द्वारा सॉफ्टवेयर को अपडेट कर दिया गया है. नए सॉफ्टवेयर सिस्टम से अब तय समय के अंदर ही रजिस्ट्री होगी.
नए सॉफ्टवेयर सिस्टम में खास बात यह रहेगी कि इसके जरिए केवल 7 दिन में ही रजिस्ट्री प्रक्रिया पूरी हो जाएगी, जिसमें आवेदन फार्म भरने से लेकर, तहसीलदार की जांच एवं फोटो सब कार्य इन 7 दिनों में ही पूरी हो जाएगी.
कर्मचारियों की जवाबदेही
नई व्यवस्था के लागू होने के बाद आवेदक की फाइल यदि टोकन नंबर के हिसाब से पूरी नही होगी तो इसके लिए कर्मचारियों को जवाब देना होगा. उन्हें फाइल रुकने का ठोस कारण बताना होगा. आवेदन करने के बाद कर्मचारियों को 7 दिन में रिपोर्ट देनी होगी. इससे कर्मचारियों को लापरवाही दूर होगी और वे कार्य को पूरी निष्ठा से समय पर पूरा करेंगे.