चंडीगढ़ | हरियाणा में परिसीमन का काम पूरा होने तक अब शायद ही कोई नया जिला, मंडल- उपमंडल और तहसील- उपतहसील बनाया जाए. रजिस्ट्रार जनरल और जनगणना आयुक्त के बाद अब चुनाव आयोग ने भी प्रदेश में प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव पर रोक लगा दी है. वर्ष 2029 तक परिसीमन किया जाना है. उसके बाद ही, प्रदेश की प्रशासनिक सीमाओं में बदलाव किया जा सकेगा.
यदि राज्य सरकार किसी नए जिले के गठन में रुचि लेगी तो कैबिनेट सब- कमेटी का कार्यकाल बढ़ाया जा सकता है. इसी सब कमेटी को राज्य में 11 जिले बनाने के प्रस्ताव मिले थे, लेकिन उनमें से छह जिलों के लिए हांसी, सफीदों, असंध, डबवाली. मानेसर और गोहाना को शार्ट लिस्ट किया गया था. इनमें भी हांसी के लोगों की किस्मत जागी और उसे राज्य का नया 23वां जिला बनाया गया है.
हरियाणा को चुनाव आयोग से लेनी होगी परमिशन
विकास एवं पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार की अध्यक्षता में गठित मंत्रियों की सब- कमेटी का कार्यकाल गत 31 दिसंबर को पूरा हो चुका है. प्रदेश सरकार चाहे तो इस कमेटी का कार्यकाल बढ़ा भी सकती है. यदि इस कमेटी का कार्यकाल बढ़ता है तो फिर चुनाव आयोग की मंजूरी लेनी होगी और सभी राजनीतिक दलों के एक-एक प्रतिनिधि को इस कमेटी में शामिल करना अनिवार्य होगा.
इन शहरों की जगेगी किस्मत
हाल ही में प्रदेश सरकार हिसार से हांसी को अलग कर नया जिला बना चुकी है. कैबिनेट सब- कमेटी के पास कुल 11 जिले बनाने के प्रस्ताव पहुंचे थे. इनमें से हांसी के साथ ही अंसध, गोहाना, मानेसर, डबवाली और सफीदों के विधायकों ने अपने क्षेत्र को जिला घोषित कराने के लिए पूरा जोर लगाया था. जनसंख्या सहित अन्य मानकों को पूरा करने में केवल हांसी ही सफल रहा, जबकि अन्य दावेदार कसौटी पर खरा नहीं उतर सके, लेकिन कसौटी के आसपास जरूर ठहरे. भविष्य में यदि नया जिला बनता है तो इन पांच शहरों का नंबर लग सकता है.
